सिरोही जिले में शनिवार (7 सितंबर) अलसुबह से शुरू हुई तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बरसात ने हालात इतने बिगाड़ दिए कि गांवों और कस्बों में पानी घरों तक घुस गया. सबसे ज्यादा प्रभावित पिंडवाड़ा क्षेत्र रहा, जहां 105 मि.मी. बारिश दर्ज की गई और पूरा शहर जलमग्न हो गया.
पिंडवाड़ा में नदी-नालों का पानी रिहायशी इलाकों और सरकारी भवनों तक जा पहुंचा. तहसील कार्यालय में पानी भर गया और स्वरूपगंज थाना क्षेत्र के पास सड़कों पर दरिया जैसी स्थिति बन गई. कई जगह लोग घरों से बाहर निकल ही नहीं पाए.
बारिश से जिले के कई बांध ओवरफ्लो
लगातार बारिश से जिले के कई बांध ओवरफ्लो हो गए. आबूरोड़ का बत्तीसा बांध भी ओवरफ्लो हो गया. सिंचाई विभाग के अनुसार बांधों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी की चादर चल रही है. इससे आसपास के गांवों में खतरा मंडराने लगा है. विभाग ने बताया कि शनिवार शाम पांच बजे तक पिंडवाड़ा में सबसे ज्यादा 105 मि.मी. और रेवदर में सबसे कम 3 मि.मी. बारिश दर्ज हुई. माउंट आबू में 40, आबूरोड़ में 17, सिरोही में 30.8, शिवगंज में 71 और देलदर में 62 मि.मी. बारिश रिकॉर्ड की गई.
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पर मंडराने लगा खतरा
पिंडवाड़ा से बहने वाली सुकड़ी नदी उफान पर है. नदी के पास स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पर खतरा मंडराने लगा है. सुरक्षित दीवार नहीं होने से कॉलोनीवासियों की नींद उड़ गई है. कई बार गुहार लगाने के बावजूद सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं हुआ. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नदी से सटी कॉलोनियों को खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है.
जनता की अपील के बाद प्रशासन अलर्ट
जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की है कि वे उफान पर चल रही नदियों और नालों को पार करने का जोखिम न लें. पिंडवाड़ा उपखंड अधिकारी मनसुख डामोर ने हालात का जायजा लिया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की.
विधायक ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
आबू-पिंडवाड़ा विधायक समाराम गरासिया ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बारिश में फंसे किसी भी व्यक्ति तक तुरंत मदद पहुंचाई जाए. साथ ही, अधिकारियों को नदियों-नालों की लगातार निगरानी रखने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की हिदायत दी.
बाढ़ से जनजीवन पर पड़ रहा गहरा असर
भारी बारिश से जिले की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और यातायात ठप हो गया. खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है. ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, जबकि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.