राजस्थान के सिरोही जिले में आबकारी विभाग के नाक के नीचे शराब विक्रय से जुड़े नियम-कायदों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. निर्धारित समय के बाद भी शराब की बिक्री जारी रहने और सुबह तय समय से पहले दुकानों के शटर खुलने के आरोप सामने आए हैं. इसके बावजूद जिम्मेदार आबकारी महकमा मूकदर्शक बना हुआ है, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

Continues below advertisement

जानकारी के अनुसार सिरोही शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कई शराब दुकानों पर न तो खुलने-बंद होने का समय स्पष्ट रूप से अंकित है और न ही उसका पालन हो रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात तक खुलेआम शराब बेची जा रही है. वहीं सुबह भी निर्धारित समय से पहले दुकानों के शटर उठ जाते हैं. इससे कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.

दुकानों पर रेट लिस्ट नहीं, मनमाने वसूले जा रहे दाम

नियमों के अनुसार प्रत्येक शराब दुकान पर रेट लिस्ट का होना अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूली न जा सके. लेकिन जिले की कई दुकानों पर रेट लिस्ट नजर नहीं आती. उपभोक्ताओं का कहना है कि दुकानों पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं और शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही.

Continues below advertisement

सिरोही के वरिष्ठ अधिवक्ता भेरूपाल सिंह बालावत ने आबकारी सीआई आशीष शर्मा को व्हाट्सएप संदेश भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया. इसके बाद भी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से सवाल और गहरा गए हैं. बालावत ने आबकारी आयुक्त को भी लिखित शिकायत भेजकर सिरोही जिले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि जब शिकायत के बाद भी नियमों की पालना सुनिश्चित नहीं हो रही, तो इसके पीछे क्या कारण हैं, इसकी जांच होनी चाहिए.

पूरे मामले के पीछे ‘मासिक बंधी’ का खेल तो नहीं चल रहा?

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा और आरोप है कि कहीं इस पूरे मामले के पीछे ‘मासिक बंधी’ का खेल तो नहीं चल रहा? हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कुछ भी सामने नहीं आया है, लेकिन कार्रवाई में हो रही देरी से संदेह गहराता जा रहा है. यदि ऐसा कुछ नहीं है तो फिर कार्रवाई करने में संकोच क्यों किया जा रहा है, यह भी बड़ा प्रश्न है.

इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी अजय जैन से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया कि वे कोर्ट में एविडेंस पेशी पर हैं. हालांकि उन्होंने विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी. अब देखने वाली बात यह होगी कि आबकारी आयुक्त स्तर पर की गई शिकायत के बाद क्या विभाग सख्त रुख अपनाता है या फिर नियमों की अनदेखी का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा. जिले के नागरिकों को निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई का इंतजार है.