बिहार के बाद अब राजस्थान में भी एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. इस मुद्दे पर राज्य के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता कर्नलराज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग एसआईआर का विरोध कर रहे हैं, वे “पाकिस्तान और आतंकी समर्थक” जैसी भाषा बोल रहे हैं.
राठौड़ ने कहा कि विपक्षी दलों का रवैया समझ से परे है. उन्होंने कहा, “समझ नहीं आता कि एसआईआर का विरोध करने वाली पार्टियां आखिर किसके साथ खड़ी हैं. उनकी भाषा भारत की संसद जैसी नहीं लगती, बल्कि पाकिस्तान की संसद या सेना की आवाज जैसी सुनाई देती है. इनकी बातों में आतंकियों का समर्थन झलकता है.”
'उनका असली चेहरा आ गया हैसामने'
उन्होंने आगे कहा कि अब जनता सब समझ चुकी है और वही तय करेगी कि देशहित में कौन खड़ा है और देशविरोधी ताकतों के साथ कौन. राठौड़ ने कहा कि पहले ऐसे दल मुखौटों के पीछे छिपे रहते थे, लेकिन अब एसआईआर के मुद्दे पर उनका असली चेहरा सामने आ गया है.
विपक्ष पर लगाया आरोप
बीजेपी मंत्री ने कहा कि हर देशभक्त और राष्ट्रवादी नागरिक एसआईआर के साथ खड़ा है, क्योंकि यह व्यवस्था नागरिकों की पहचान को सुरक्षित और पारदर्शी बनाती है. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह पहले “घुसपैठियों” के साथ खड़ा था और अब “फर्जी वोटरों” का समर्थन कर रहा है.
राठौड़ ने कहा कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है और विपक्ष को यह बताना चाहिए कि क्या वह फर्जी वोटरों के साथ है या सच्चे भारतीय नागरिकों के साथ. उन्होंने कहा कि हर नागरिक चाहता है कि उसके नाम का सही वेरिफिकेशन हो और उसके वोट की पूरी वैल्यू बनी रहे.
'जिन्होंने वर्षों तक जंगलराज चलाया, वही कर रहे हैं बड़े वादे'
बिहार चुनाव को लेकर भी कर्नलराठौड़ ने महागठबंधन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिन्होंने वर्षों तक “जंगलराज” चलाया, वही अब बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं. राठौड़ ने कहा, “महागठबंधन के लिए ‘मरता क्या न करता’ वाली कहावत पूरी तरह लागू होती है. उनका घोषणापत्र अब वादों का दस्तावेज बन चुका है, जिसे जनता अच्छी तरह समझ रही है.”
