राजस्थान की सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. चयनित अभ्यर्थी अब अपनी नौकरी खोने की आशंका से घिरे हुए हैं. इसी मुद्दे पर शुक्रवार को कई अभ्यर्थी परिवार समेत अजमेर स्थित राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (RPSC) के दफ्तर पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई.

चयनित अभ्यर्थियों ने आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत से परीक्षा पास की है. ऐसे में दूसरों की गलती की सजा उन्हें क्यों दी जा रही है? अभ्यर्थियों का कहना था कि वे वर्षों से तैयारी कर रहे थे, कई ने अपने घर-परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद में दिन-रात मेहनत की. अब परीक्षा रद्द होने की आशंका ने उनका भविष्य दांव पर लगा दिया है.

अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द न करने की मांग

अभ्यर्थियों ने एक सुर में परीक्षा को रद्द न करने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच हो, लेकिन जो अभ्यर्थी ईमानदारी से चयनित हुए हैं, उनके भविष्य से खिलवाड़ न किया जाए.

हाईकोर्ट के फैसले से नाखुश दिखे अभ्यर्थी

चयनित अभ्यर्थी राजस्थान हाईकोर्ट के हालिया फैसले से भी नाराज दिखे. उन्होंने कहा कि यह फैसला उनकी मेहनत को नकारने जैसा है. अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से भी मांग की कि वह इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी हो.

हमने ईमानदारी से नौकरी हासिल की- अभ्यर्थी

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि "हमने मेहनत कर यह नौकरी हासिल की. हमें किसी की गलती की सजा नहीं मिलनी चाहिए. आयोग और सरकार को चाहिए कि असली दोषियों को पकड़े न कि निर्दोष उम्मीदवारों का भविष्य खराब करे."

सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे अभ्यार्थी

अभ्यर्थियों ने बताया कि वे जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में मदद की गुहार लगाएंगे. उनका कहना है कि न्यायपालिका और सरकार दोनों को मिलकर ऐसे समाधान की ओर बढ़ना चाहिए, जिससे निर्दोष अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित रहे.