Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. उनके मुताबिक प्रदेश में बिजली तंत्र तथा शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केन्द्र सरकार से राजस्थान सरकार को भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है. हमारी डबल इंजन की सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतार रही है, जिससे राजस्थान की आठ करोड़ जनता को भरपूर लाभ मिल रहा हैं.

सीएम भजन लाल शर्मा ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ ऊर्जा एवं नगरीय विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य की संयुक्त परियोजनाएं समय पर पूरी होनी चाहिए. सीएम ने बताया कि सरकार 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है. इस लक्ष्य को हासिल करने में पीएम कुसुम योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है. 

मुख्यमंत्री ने इस बैठक में कहा कि राजस्थान में बिजली तंत्र को मजबूत करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है. पिछली राज्य सरकार की नीतियों की वजह से हमारी थर्मल इकाइयां कोयला आपूर्ति के संकट से जूझ रही थीं लेकिन केन्द्र सरकार के सहयोग से अब हमारे थर्मल बिजलीघरों के पास पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध है.

उन्होंने बताया कि रबी सीजन के दौरान राज्य सरकार ने किसानों को बिना किसी बाधा के लगातार बिजली उपलब्ध कराई. साथ ही, फरवरी से अब तक की पीक डिमांड 19 हजार 165 मेगावाट को भी पूरा किया गया है. 

इस बैठक में केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है. उन्होंने कहा कि खासतौर से अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है. पीएम कुसुम योजना तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति की है.  उन्होंने कहा कि पीक ऑवर्स के दौरान उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली देने के लिए राज्य में पंप स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज की क्षमता को तेजी से विकसित किया जाए. 

केंद्रीय मंत्री खट्टर ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है. उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदूषण मुक्त एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो रही है. इस बैठक में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे.