Rajasthan News: राजस्थान में सरकार व विपक्ष अब एक नए मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं. बीजेपी और कांग्रेस इस बार पांच साल बनाम डेढ़ साल के मुद्दे पर एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. इस मुद्दे पर चुनौती देने और उसे कबूल करने की सियासत भी की जा रही है. चुनौती सीएम भजनलाल शर्मा की तरफ से दी गई, जिसे कांग्रेस के कुछ नेताओं ने बयानों के जरिए कबूल करने का दावा किया है. पांच साल बनाम डेढ़ साल के सियासी मुद्दे पर आरोप- प्रत्यारोप भी चरम पर है. 

दरअसल, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने दो दिन पहले राजधानी जयपुर में बीजेपी दफ्तर में आयोजित एक कार्यक्रम में यह दावा किया था कि उन्होंने डेढ़ साल के राज में राज्य में विकास के इतने काम कर दिए हैं, जितने अशोक गहलोत की अगुवाई वाली सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में भी नहीं किए थे. 

'खुले मंच पर बहस का चैलेंज दे रहे हैं'सीएम भजनलाल शर्मा ने चुनौती देते हुए कहा था कि कांग्रेस को खुले मंच पर आकर बहस करनी चाहिए. अगर इस बहस में उनके पांच साल के काम से ज्यादा डेढ़ साल के काम ना निकल आएं, तब वह कहें. सीएम भजनलाल शर्मा ने चुनौती देते हुए कहा था कि उनके पास एक-एक चीज का रिकॉर्ड है और वह रिकॉर्ड के आधार पर ही खुले मंच पर बहस का चैलेंज दे रहे हैं. 

'कांग्रेस के राज में तमाम बड़े प्रोजेक्ट पर काम हुआ था'सीएम भजनलाल शर्मा की इस चुनौती पर कांग्रेस अब बयानबाजी कर रही है. कांग्रेस के कई नेताओं ने बयान जारी कर सीएम भजनलाल शर्मा की चुनौती को कबूल करने का दावा किया है. पूर्व सीएम अशोक गहलोत से लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपने बयानों में कहा है कि मौजूदा सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में कोई बड़े काम नहीं हुए, जबकि कांग्रेस के राज में तमाम बड़े प्रोजेक्ट पर काम हुआ था.

कांग्रेस नेताओं ने सीएम भजनलाल शर्मा के दावों को नकारते हुए उनकी चुनौती को स्वीकार करने की बात तो कही, लेकिन किसी भी नेता ने खुले मंच पर बहस की जगह और समय का ऐलान नहीं किया. 

किसी भी दल की तरफ से नहीं किया गया खुली बहस का ऐलानकहा जा सकता है कि राजस्थान में अब पांच साल बनाम डेढ़ साल के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं. सीएम भजनलाल शर्मा की खुली चुनौती के बाद दोनों पार्टियों की तरफ से बयानबाजी तो की जा रही है, लेकिन अभी तक खुली बहस के कार्यक्रम का ऐलान किसी भी दल की तरफ से नहीं किया गया है. हालांकि जनता ओपन फोरम पर संभावित बहस को लेकर खासी उत्सुक दिखाई दे रही है, लेकिन ऐसी कोई बहस होगी, इसकी कोई उम्मीद फिलहाल नजर नहीं आती.