राजस्थान में ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को पिण्डवाड़ा ब्लॉक में बड़ी कार्रवाई की. अजारी गांव और उदयपुर रोड पर दबिश देकर तीन अवैध क्लीनिक संचालित करने वालों को पकड़ा गया.
जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी और सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देश पर गठित टीम ने यह कार्रवाई की. अजारी गांव में मंतोष विश्वास और उदयपुर रोड पर कमलेश व बी.के. विश्वास नामक व्यक्तियों को बिना किसी मान्यता व चिकित्सकीय डिग्री के इलाज करते पकड़ा गया.
दोषी पाए जाने पर कठोर दंड और कारावास तक का प्रावधान
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये लोग लंबे समय से भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर, अवैध तरीके से उपचार कर रहे थे. कार्रवाई के बाद तीनों झोलाछापों के खिलाफ पिण्डवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई. अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर दंड और कारावास तक का प्रावधान है.
अब इनके खिलाफ न्यायालय में आपराधिक प्रकरण चलेगा. जांच टीम ने क्लीनिकों से बड़ी मात्रा में दवाइयां, इंजेक्शन, सिरिंज, ड्रिप सेट और अन्य चिकित्सकीय उपकरण जब्त किए. यह सभी सामग्री बिना लाइसेंस और मान्यता के उपयोग में लाई जा रही थी.
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की सराहना
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी कि झोलाछाप डॉक्टरों से दिए जाने वाले गलत उपचार और दवाइयां गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती हैं और कई बार मरीज की जान तक ले लेती हैं. अजारी और पिण्डवाड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की सख्ती का स्वागत किया. ,
ग्रामीणों ने कहा कि सही चिकित्सक की पहचान आमजन के लिए मुश्किल हो जाती है. ऐसे में झोलाछापों के कारण कई बार मरीजों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रखने की मांग भी की.
CMHO की अपील
CMHO डॉ. दिनेश खराड़ी ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में झोलाछाप डॉक्टर आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं. विभाग लगातार इन पर नजर रखे हुए है, और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाइयां जारी रहेंगी.
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी संदिग्ध व्यक्ति इलाज करता दिखे, तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें. कार्रवाई का नेतृत्व बीसीएमओ पिण्डवाड़ा, डॉ. भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने किया.
कार्रवाई में शामिल रही टीम
टीम में सीएचसी पिण्डवाड़ा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष भार्गव, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर रोहिताश कुमार, फार्मासिस्ट अशोक कुमार और दिलीप कुमार शामिल रहे. पुलिस पक्ष से कांस्टेबल गणपत और सुनील कुमार ने सहयोग किया.