राजस्थान के पाली जिले के रानी कस्बे में शुक्रवार (10 नवंबर) की शाम हाईवे पर तनाव का माहौल बन गया, जब प्रदर्शन कर रहे पशुपालकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. इस दौरान ब्यावर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे 162 पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

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घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे बालराई गांव के पास हुई, जहां राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा था. प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर 'महापड़ाव' डाल दिया था और जाम लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी थी. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका.

लाठीचार्ज कर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जैसे ही स्थिति बिगड़ने लगी तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. अचानक हुए इस हमले में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और मौके पर भगदड़ मच गई. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, लाठियां चलाईं और आंसू गैस छोड़ी. इसके बाद प्रदर्शनकारियों को हाईवे से खदेड़ दिया गया. प्रशासन ने तुरंत ट्रैफिक डायवर्ट किया ताकि यात्रियों को असुविधा न हो.

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रोजगार और आरक्षण की मांगों को लेकर हो रहा था प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन डीएनटी समाज और पशुपालकों की मांगों को लेकर हो रहा था. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह देवासी के नेतृत्व में आंदोलन चलाया जा रहा है, जिसमें रोजगार, आरक्षण और मुआवजा जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं.

शांति बनाए रखने की हर संभव की जा रही कोशिश- एएसपी

इस बीच, पुलिस प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि मंडल से बातचीत कर रहा है. एएसपी विपिन शर्मा ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है. पशुपालकों के प्रतिनिधियों से वार्ता चल रही है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो. उन्होंने कहा कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और शांति बनाए रखने की हर संभव कोशिश की जा रही है.

पाली में हुए इस टकराव ने एक बार फिर प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, देर शाम तक हालात सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन दोनों ही सतर्क हैं ताकि कोई नई स्थिति न बने.

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