Rajasthan Palanhar Yojana: हर वर्ग को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान में कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं. गहलोत सरकार की 'पालनहार योजना' (Palanhar Yojana) बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रही है. सरकार बेसहारा बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा पर हर महीने प्रोत्साहन राशि दे रही है. योजना का लाभ राजस्थान राज्य के पात्र बच्चों को मिल रहा है. इच्छुक सरकार की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं और योजना का लाभ उठा सकते हैं.
पालनहार योजना क्या है ?
गहलोत सरकार ने 0 से 18 साल तक के बच्चे-बच्चियों की विशेष देखभाल और संरक्षण के लिए विभिन्न श्रेणियों में पालनहार योजना की शुरुआत की है. योजना के तहत बच्चों की देखभाल और पालन-पोषण की व्यवस्था परिवार के किसी निकट रिश्तेदार, व्यस्क भाई या बहन, परिचित की ओर से की जाती है. निराश्रित बच्चों का पालन-पोषण और देखभाल करने वाले को पालनहार कहा जाता है. योजना के तहत आने वाले बच्चों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए राजस्थान सरकार अनुदान राशि प्रदान करती है. इच्छुक को योजना की शर्तों का पालन करते हुए आवश्यक जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. इस तरह उनको पालनहार योजना का लाभ मिल सकेगा.
राजस्थान सरकार की पालनहार योजना के कई लाभ और विशेषताएं हैं. योजना का सबसे बड़ा लाभ बेसहारा बच्चों को आर्थिक मदद मिलना है. निराश्रित बच्चों की पहचान कर योजना का लाभ दिया जाता है. योजना अनाथ बच्चों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है. बजट घोषणा 2023 में सीएम गहलोत ने योजना की सहायता राशि बढ़ा दी है. पहले 0-6 वर्ष आयु तक के अनाथ बच्चों को 500 रुपए प्रतिमाह दिए जाते थे. अब योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है. 6-18 वर्ष आयु तक के निराश्रित बच्चों को 1000 रुपए प्रतिमाह दिए जाते थे. अब 2500 रुपए प्रतिमाह तक बढ़ाने की घोषणा की है. योजना से प्रदेश के करीब 14 हजार अनाथ बच्चों को सहयोग मिलेगा.
राजस्थान पालनहार योजना का लाभ पात्र आवेदक ही ले सकते हैं. अनाथ बच्चे पालनहार योजना आवेदन के लिए पात्र माने जाते हैं. निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा महिला के तीन बच्चे आवेदन के लिए पात्र हैं. तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाओं के बच्चे आवेदन के लिए पात्र हैं. पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे, मृत्युदंड और आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे भी आवेदन कर सकते हैं. पालनहार की वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए. पालनहार और बच्चे को लाभ तभी मिलेगा जब बीते न्यूनतम 3 साल से राजस्थान राज्य में निवास कर रहें हो. राजस्थान पालनहार योजना 2023 का आवेदन फॉर्म भरने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज पेश करने होंगे. दस्तावेजों के आधार पर फॉर्म भरकर पालनहार योजना का लाभ लेने की पात्रता होगी.
आवेदन के लिए दस्तावेज
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बच्चे का आधार कार्ड
- पालनहार का आय प्रमाण पत्र
- पालनहार का भामाशाह कार्ड
- अनाथ बच्चों का पालन-पोषण करने का प्रमाण पत्र
- बच्चे का मूल निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड
- बच्चे का आंगनवाड़ी में पंजीकरण का प्रमाण पत्र, स्कूल संबंधी प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाता पासबुक
कितनी है अनुदान राशि?
पालनहार को बच्चे के पालन-पोषण और देखभाल पर उम्र के अनुसार अनुदान राशि प्रदान की जाती है. 0-6 वर्ष आयु पूरी करने पर 500 रुपए और 6-18 वर्ष आयु पूरी करने पर 1000 रुपए हर महीने मिलता है. पालनहार योजना में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को आधिकारिक वेबसाइट sje.rajasthan.gov.in पर क्लिक करना होगा. ऐसा करने पर वेबसाइट का मुख्य पेज खुलेगा. यहां आपको पालनहार योजना के लिंक पर क्लिक करना होगा. फिर एक नया पेज खुलेगा. नए पेज पर योजना से जुड़ी समस्त जानकारी दर्ज होंगी. सबसे नीचे पालनहार योजना के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप लिंक पर क्लिक करें. क्लिक करते ही स्क्रीन पर पालनहार योजना आवेदन फॉर्म खुलेगा. फॉर्म डाउनलोड करके प्रिंट निकाल लेवें. फिर फॉर्म में पूछी गई जानकारी दर्ज करें. फॉर्म के साथ जरूरी दस्तावेज संलग्न करें. अब जिला अधिकारी, विकास अधिकारी या ई मित्र कियोस्क केंद्र में जाकर फॉर्म जमा करवा दें.
