निकाय चुनाव: डूंगरपुर-सागवाड़ा में BJP-कांग्रेस की टक्कर! BAP ने बढ़ाई चुनौती
डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में 65 फीसदी मतदान हुआ, जबकि सागवाड़ा नगर पालिका के 35 वार्डों में 73.3 फीसदी वोटिंग हुई. 14 सितंबर को मतगणना के बाद सभी प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला हो जाएगा.

राजस्थान के डूंगरपुर जिले में नगरीय निकाय चुनाव का मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की नजरें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं. डूंगरपुर नगर परिषद और सागवाड़ा नगर पालिका में मतदान के बाद BJP और कांग्रेस के बीच बोर्ड बनाने को लेकर राजनीतिक दावों और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. इस बार दोनों निकायों में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है.
डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में 65 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि सागवाड़ा नगर पालिका के 35 वार्डों में 73.3 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान के बाद अब प्रत्याशियों की किस्मत EVM में बंद है.
डूंगरपुर में 40 वार्ड, 101 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में चुनावी मुकाबला हुआ. चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुल 103 प्रत्याशियों का आंकड़ा सामने आया था, लेकिन वार्ड नंबर 23 से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन खारिज हो गया. वहीं वार्ड नंबर 28 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतीक बलात ने अपना नामांकन वापस ले लिया.
इन दोनों प्रत्याशियों की उम्मीदवारी समाप्त होने के बाद चुनाव मैदान में 101 प्रत्याशी रह गए. मतदान के बाद सभी प्रत्याशियों की किस्मत EVM में बंद हो चुकी है. डूंगरपुर में कुल 40 वार्ड हैं और बोर्ड गठन के लिए 21 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा. ऐसे में कुछ करीबी वार्डों के परिणाम पूरे राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं.
सागवाड़ा में 73.3% मतदान, 99 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद
सागवाड़ा नगर पालिका के 35 वार्डों में कुल 99 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे. यहां 73.3 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो डूंगरपुर के मुकाबले करीब 8.3 प्रतिशत अधिक है. अधिक मतदान को लेकर BJP और कांग्रेस दोनों अपने-अपने पक्ष में माहौल होने का दावा कर रहे हैं. हालांकि, मतदान प्रतिशत बढ़ने का वास्तविक फायदा किस राजनीतिक दल को मिला, इसका फैसला 14 सितंबर को मतगणना के बाद ही होगा. सागवाड़ा में बोर्ड बनाने के लिए 18 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा.
BJP-कांग्रेस की सीधी लड़ाई में BAP की एंट्री
दोनों निकायों के चुनाव में BJP और कांग्रेस के अलावा भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं. डूंगरपुर में BAP के 12 और सागवाड़ा में 14 प्रत्याशी मैदान में रहे. BAP की मौजूदगी से कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय नजर आया. खासतौर पर उन वार्डों में जहां BJP और कांग्रेस के बीच मुकाबला बेहद करीबी है, वहां BAP और निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलने वाले वोट नतीजों पर असर डाल सकते हैं. हालांकि, BAP कितनी सीटों पर जीत दर्ज करेगी या बोर्ड गठन में उसकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होगी, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी.
BJP के बागी प्रत्याशियों ने भी बढ़ाई चुनौती
निकाय चुनाव में टिकट वितरण के दौरान सामने आई नाराजगी और पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने भी राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ाई है. विशेष रूप से BJP के बागी प्रत्याशियों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं. यदि किसी वार्ड में बागी प्रत्याशी मजबूत स्थिति में रहा तो वह BJP के आधिकारिक उम्मीदवार के वोटों को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, बगावत का वास्तविक असर कितना रहा, इसका आकलन EVM खुलने और परिणाम सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा.
डूंगरपुर में सभापति पद को लेकर भी बढ़ी चर्चा
डूंगरपुर नगर परिषद में पूर्व सभापति केके गुप्ता के कार्यकाल में हुए विकास कार्य भी चुनावी चर्चा का हिस्सा रहे हैं. इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में उनकी पत्नी सुशीला गुप्ता को लेकर भी सभापति पद की संभावनाओं पर स्थानीय स्तर पर चर्चा चल रही है.
हालांकि, सभापति पद का फैसला केवल किसी एक प्रत्याशी की जीत से तय नहीं होगा. पहले पार्षदों के चुनाव परिणाम सामने आएंगे. इसके बाद किस दल के पास बहुमत है और किसे पार्षदों का समर्थन मिलता है, उसी के आधार पर बोर्ड गठन और सभापति पद का राजनीतिक समीकरण तय होगा.
क्या किसी एक दल को मिलेगा स्पष्ट बहुमत?
मतदान के बाद स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में BJP और कांग्रेस के बीच कई वार्डों में करीबी मुकाबले की बात सामने आ रही है. ऐसे में यह संभावना भी जताई जा रही है कि कुछ वार्डों के परिणाम बोर्ड गठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं. यदि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो BAP, निर्दलीय और अन्य विजयी पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.
डूंगरपुर नगर परिषद: प्रारंभिक राजनीतिक आकलन
- कुल वार्ड: 40
- बहुमत: 21
- BJP: 16–20
- कांग्रेस: 14–18
- BAP/अन्य: 2–6
सागवाड़ा नगर पालिका: प्रारंभिक राजनीतिक आकलन
- कुल वार्ड: 35
- बहुमत: 18
- BJP: 15–18
- कांग्रेस: 14–17
- BAP/अन्य: 2–5
नोट: ये आंकड़े स्थानीय फीडबैक और प्रारंभिक राजनीतिक आकलन पर आधारित संभावनाएं हैं. इन्हें आधिकारिक एग्जिट पोल या चुनाव परिणाम नहीं माना जाना चाहिए.
14 सितंबर को खुलेगा EVM का पिटारा
मतदान संपन्न होने के बाद अब डूंगरपुर और सागवाड़ा की जनता के साथ-साथ राजनीतिक दलों की निगाहें 14 सितंबर की मतगणना पर हैं. इसी दिन EVM खुलने के साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि 40 वार्डों वाली डूंगरपुर नगर परिषद और 35 वार्डों वाली सागवाड़ा नगर पालिका में जनता ने किस दल के पक्ष में अपना जनादेश दिया है.
यदि BJP या कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलता है तो बोर्ड गठन की राह आसान होगी. वहीं त्रिशंकु स्थिति बनने पर BAP, निर्दलीय और अन्य विजयी पार्षद सत्ता के समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. अब असली तस्वीर 14 सितंबर को मतगणना के बाद ही साफ होगी कि डूंगरपुर और सागवाड़ा की नगर सत्ता पर किसका कब्जा होता है और किस दल को विपक्ष में बैठना पड़ता है.
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