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देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना 'मनरेगा' (MGNREGA) को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच सियासी जंग तेज हो गई है. बीजेपी सरकार द्वारा योजना का नाम बदलकर 'VB-G-RAM-G' करने और इसमें किए गए बदलावों के विरोध में कांग्रेस ने देशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. राजस्थान में कांग्रेस ने 8 जनवरी से लेकर 25 फरवरी तक के विरोध प्रदर्शनों का पूरा कैलेंडर जारी कर दिया है.

कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है. पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार नाम बदलकर और नियमों में बदलाव कर इस ऐतिहासिक योजना को कमजोर करना चाहती है. राजस्थान कांग्रेस ने इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाने की रणनीति बनाई है.

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कांग्रेस का आंदोलन कार्यक्रम

8 जनवरी: प्रदेश स्तरीय बड़ी बैठक और रणनीति तैयार करना.

10 जनवरी: सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस.

11 जनवरी: जिला मुख्यालयों पर महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं के समक्ष एक दिवसीय उपवास.

12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर सघन जनसंपर्क.

30 जनवरी: वार्ड स्तर पर धरना प्रदर्शन.

31 जनवरी से 6 फरवरी: जिला स्तरीय 'मनरेगा बचाओ' धरना.

7 से 15 फरवरी: विधानसभा घेराव.

16 से 25 फरवरी: प्रदेश भर में विशाल रैलियों का आयोजन.

'भ्रष्टाचार के अड्डों को किया गया ध्वस्त'

विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए राजस्थान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि मनरेगा में लंबे समय से फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार फल-फूल रहा था. फर्जी जॉब कार्ड सरपंचों के पास मिलते थे और मजदूरों के हक का पैसा बिचौलिए खा रहे थे.

मदन राठौड़ ने रखे ये बिंदु

भ्रष्टाचार पर रोक: नए कानून (VB-G-RAM-G) के जरिए पारदर्शिता लाई गई है.

रोजगार में वृद्धि: सरकार ने रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिए हैं.

नाम पर स्पष्टीकरण: राठौड़ ने कहा कि 'आजीविका मिशन' के शब्दों को जोड़ने से यदि 'राम' (RAM) नाम बन गया, तो इस पर आपत्ति करना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है.

बजट का आंकड़ा: उन्होंने दावा किया कि 2004 से अब तक खर्च हुए कुल 11.74 लाख करोड़ रुपये में से 8.53 लाख करोड़ रुपये अकेले बीजेपी सरकार ने खर्च किए हैं.

व्यावहारिक बदलाव: फसल की बुआई और कटाई के समय योजना को इसलिए रोका गया है ताकि कृषि कार्यों में श्रम की कमी न हो.

सियासी गरमाहट

जहां एक तरफ कांग्रेस 'मनरेगा बचाओ' के नारे के साथ सड़कों पर उतर रही है, वहीं बीजेपी ने भी 'VB-G-RAM-G' के पक्ष में माहौल बनाने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है. आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में यह मुद्दा शहर से लेकर गांव की चौपालों तक चर्चा का केंद्र बना रहेगा.