Rajasthan Lok Sabha Election 2024: राजस्थान में प्रथम चरण के लिए 12 लोकसभा सीटों पर हुए मतदान में गिरावट से हर कोई चिंतित है. यहां पर दर्जनों विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर दिग्गज नेता चुनाव लड़ते हैं, जिनके समर्थक बूथ पर पूरा जोर लगाते थे. मगर, इस बार विधानसभा चुनाव के बाद उन्हीं में से कई दिग्गज दल बदल चुके हैं. उनके समर्थकों को लगा था कि दल बदलने के बाद उन्हें टिकट भी मिलेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं, ऐसे में अब उनके समर्थकों में निराशा है.
जयपुर की दोनों लोकसभा सीटों पर मतदान कम हुआ. इसमें से कई दिग्गज इधर से उधर हो चुके है. राजेंद्र यादव कोटपूतली विधानसभा सीट से एक हजार से कम मतों से चुनाव हार गए थे. उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि वो जयपुर ग्रामीण से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वहीं कांग्रेस के पूर्व सांसद लालचंद कटारिया जब झोटवाड़ा से विधानसभा चुनाव नहीं लड़े, तो उनके समर्थकों में उनके लोकसभा चुनाव लड़ने की उम्मीद थी. मगर इन दोनों नेताओं ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर लिया.
इन दिग्गजों को नहीं मिला टिकट वहीं जिस दिन लालचंद कटारिया, राजेंद्र यादव, आलोक बेनीवाल, रिछपाल मिर्धा, विजयपाल मिर्धा जैसे दिग्गज कांग्रेस से बीजेपी में जा रहे थे. उस दिन उनके समर्थकों का कहना था कि उनके नेता जो कहेंगे वो उसे मानेंगे. हालांकि, लालचंद कटारिया के समर्थकों को उम्मीद थी कि उन्हें जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर उतारा जाएगा.
रिछपाल के समर्थक भी कुछ इसी स्थिति में थे कि उनके नेता को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ. दूसरी तरफ सालों से एक दल के लिए काम करने वाले समर्थक दूसरे दल में गए नेताओं के हिसाब से वोट करना नहीं चाहते हैं. इसलिए वो मतदान में उस जोश से नहीं दिखे. मतदान कराने के लिए उन्होंने कोई अलग से प्रयास भी नहीं किए. नेताओं ने दल तो बदला, लेकिन समर्थकों के दिल नहीं बदले.
टिकट बदलने से दोनों दलों को नुकसान राजस्थान में लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने कई दिग्गजों के टिकट बदल दिए थे. जिसका असर यह दिखा कि कई बार के सांसद के टिकट कटने से नए चेहरों के साथ लोग उत्साह नहीं दिखा पाए. दिग्गजों के टिकट कटे तो उन्होंने भी इंटरनल खेल खेल दिया. साथ तो दिखे, लेकिन मतदान के लिए अपनी ताकत नहीं लगाई. इसलिए उनके क्षेत्रों में भी कम मतदान हुए हैं.