राजस्थान: प्रतिबंध के बावजूद केकड़ी शहर में हुआ पटाखा युद्ध, 100 से ज्यादा लोग घायल
Rajashthan News: केकड़ी शहर में प्रशासन की रोक के बावजूद भी पटाखा युद्ध का आयोजन हुआ. हालांकि पुलिस की सख्ती के चलते इस बार का पटाखा युद्ध सड़कों और खुले मैदानों के बजाय गलियों तक ही सीमित रहा.

राजस्थान के केकड़ी शहर में प्रशासन की रोक के बावजूद इस बार भी पटाखा युद्ध का आयोजन हुआ. हालांकि पुलिस की सख्ती के चलते इस बार का पटाखा युद्ध सड़कों और खुले मैदानों के बजाय गलियों तक ही सीमित रहा. इस दौरान युवाओं ने एक दूसरे पर जलते हुए पटाखे फेंके. पटाखा युद्ध में तमाम लोगों को इस बार भी चोट आई है.
क्या है पटाखा युद्ध?
परंपरा के मुताबिक दीपावली के दो दिन बाद गोवर्धन पूजा और भैया दूज के दिन स्थानीय लोग टीम बनाकर आमने-सामने होते हैं. एक दूसरे पर जलते हुए पटाखों से हमला करते हैं. एक दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर जलते हुए पटाखे फेंके जाते हैं. बिल्कुल युद्ध जैसा माहौल होता है. इस पटाखा युद्ध में हर साल तमाम लोगों को चोट आती है. दर्जनों जगह पर आग लग जाती है.
प्रतिबंधित है पटाखा युद्ध
इसके चलते प्रशासन ने इस जानलेवा परंपरा पर कई साल पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था. इस बार भी लोगों से पटाखा युद्ध से दूर रहने को कहा गया था, लेकिन प्रशासन की रोक और पुलिस की सख्ती के बावजूद केकड़ी शहर में बुधवार शाम से ही गलियों और बस्तियों में पटाखा युद्ध हो रहा है. एक दूसरे पर जमकर पटाखे बरसाए जा रहे हैं. लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर उन पर जलते हुए पटाखे देखे जा रहे हैं. सुतली बम, रॉकेट और अनार से हमला किया जा रहा है.
पटाखा युद्ध को लेकर जगह-जगह इस बार भी घास भैरव को स्थापित किया गया है. पटाखा युद्ध में शामिल होने वाले लोग पहले घास भैरव को नमन करते हैं. इसके बाद उन्हें पटाखा चढ़ाया जाता है. पटाखों को उनसे टच कराने के बाद इस हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है. पटाखा युद्ध के चलते तमाम बाजार बंद रहे. घर से बाहर निकलने वालों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई लोगों को चोट आई। सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
पुलिस और प्रशासन की सारी कवायद नाकाम साबित हुई. स्थानीय मान्यता के मुताबिक खास भैरव की सवारी करने से यहां के लोगों को किसी तरह की बीमारी और अकाल मृत्यु का सामना नहीं करना पड़ता. धार्मिक मान्यता की आड़ में कई दशक पहले एक दूसरे पर पटाखों से हमला करने की परंपरा शुरू हो गई थी.
























