राजस्थान के जालोर जिले के सांचौर उपखंड के पावटा गांव में पिछले 7 दिनों से लूणी नदी का पानी भरा हुआ है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी थम सी गई है. गांव के सभी संपर्क मार्ग बंद होने से 100 से अधिक परिवार अपने घरों में कैद हैं. खासरवी जाने वाली सड़क पर 2 किलोमीटर तक पानी भरा है और टांपी मार्ग पर भी पानी का तेज बहाव जारी है.
पानी के दबाव से सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनके बीच से ग्रामीण ट्यूब के सहारे जरूरत का सामान लाने-ले जाने को मजबूर हैं. ऐसे में हादसे का खतरा बना हुआ है, लेकिन स्थिति पर अब तक प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया है.
प्रशासन ने हालात का जायजा नहीं लिया- ग्रामीण
टांपी से पावटा, दूठवा से होतीगांव, दूठवा से गलीफा और सुंठड़ी से सुराचंद तक सभी मार्ग बाधित हो चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर न तो हालात का जायजा लिया और न ही राहत की कोई व्यवस्था की. बच्चों और महिलाओं को ट्यूब पर बैठाकर नदी पार कराना ग्रामीणों की मजबूरी बन गई है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है. इस दर्दनाक स्थिति में लोग जान जोखिम में डालकर गुजर-बसर कर रहे हैं और गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है.
कई रास्ते बंद हो गए हैं और गांवों का संपर्क टूट गया
बता दें, जालोर जिले में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे कई रास्ते बंद हो गए हैं और गांवों का संपर्क टूट गया है. सुकड़ी, जवाई और खारी नदियाँ खतरे के निशान पर बह रही हैं. लोगों को खतरा बढ़ गया है, क्योंकि चारों तरफ पानी ही पानी है.
लोगों के घरों में पानी घुस चुका है. करीब 100 घरों में लोग घरों से बाहर नहीं आ सकते. गांव में आने जाने के साधन बंद हैं और अगर राशन सामग्री लाना है तो इस पानी से होकर जाना पड़ता है.