राजस्थान में संगरिया विकास जैन हत्याकांड का 60 घंटे में खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शूटर गिरफ्तार
Rajasthan News: राजस्थान के हनुमानगढ़ में विकास जैन की हत्या का पुलिस ने 60 घंटे में खुलासा किया. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के चार आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया. मुख्य शूटर जलंधर सिंह भी शामिल.

राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया कस्बे में हुई विकास जैन की निर्मम हत्या का पुलिस ने मात्र 60 घंटों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया. इस हत्याकांड में शामिल लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात शार्प शूटर जलंधर सिंह उर्फ अमृतपाल सहित कुल चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
जलंधर सिंह तीन महीने पहले पंचकूला में हुए सोनू माल्टा हत्याकांड में भी वांछित था. आरोपी को पुलिस टीमों ने हरियाणा के धर्मपुरा से दबोच लिया. IG बीकानेर रेंज हेमंत शर्मा ने बताया कि 12 सितंबर को विकास जैन की हत्या की सूचना मिलते ही SP हनुमानगढ़ हरीशंकर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.
10 विशेष टीमों का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जनेश तंवर के नेतृत्व में 10 विशेष टीमों का गठन किया गया. इन टीमों ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं का उपयोग कर आरोपियों की पहचान की और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी.
मामले में पुलिस टीम ने मुख्य शूटर जलंधर सिंह उर्फ अमृतपाल के साथ-साथ आपराधिक गैंग से फंडिंग प्राप्त करने वाले और आरोपियों को वाहन उपलब्ध कराने वाले हरदीप सिंह उर्फ दीप, मखिंद्र सिंह उर्फ लवली और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को हरियाणा से गिरफ्तार किया.
आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच जारी
जांच में सामने आया है कि ये आरोपी न केवल सीधे तौर पर हत्या में शामिल थे, बल्कि उन्हें आपराधिक गैंग से फंडिंग भी मिल रही थी. साथ ही उनके सहयोगियों ने उन्हें वाहन भी उपलब्ध कराए थे. पुलिस अब इन आरोपियों के अन्य सहयोगियों और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है.
इस सफल ऑपरेशन में थानाधिकारी संगरिया, तलवाड़ा, टिब्बी और जिला विशेष टीम के अधिकारियों व जवानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने हत्या जैसे इस जटिल मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई.
क्या था पूरा मामला?
महानिरीक्षक पुलिस बीकानेर हेमंत शर्मा ने इस सफलता पर पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे. मृतक विकास जैन (48), पुत्र मदनलाल, हनुमानगढ़ जिले के संगरिया कस्बे के वार्ड नंबर 29 के निवासी थे.
घटना 12 सितंबर 2025 को दोपहर लगभग 2 बजे हुई, जब धानमंडी में विकास जैन अपनी दुकान पर बैठे थे. उनके पार्टनर नरेश कुमार अरोड़ा ने उन्हें फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद वे दुकान पर पहुंचे और वहां विकास जैन को फर्श पर गिरा हुआ पाया, जिनके चेहरे और पेट पर गोलियों के निशान थे.
घटनास्थल पर गोलियों के खाली खोखे भी बिखरे
घटनास्थल पर गोलियों के खाली खोखे भी बिखरे हुए थे. उन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. हत्या की सूचना मिलते ही एसपी हरीशंकर ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए. मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जनेश तंवर और वृताधिकारी करण सिंह के नेतृत्व में 10 विशेष टीमों का गठन किया गया.
इन टीमों ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं का उपयोग करते हुए आरोपियों की पहचान की और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें हरियाणा से गिरफ्तार किया.
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Source: IOCL






















