राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने डिस्टर्ब एरिया एक्ट को लेकर राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे 'सरकारी गुंडागर्दी को वैधानिक बनाने का प्रयास' बताया और कहा कि यह कानून संविधान की भावना के खिलाफ है.

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गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मौजूदा सरकार 'पर्ची से बनी सरकार' है और अपने विवेक से काम नहीं करती. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को गुजरात और दिल्ली से पर्चियां आती हैं और उन्हीं के आधार पर फैसले लिए जाते हैं.

'गुजरात से पर्ची आई और कानून बना दिया'

उन्होंने कहा, "गुजरात से पर्ची आई और कानून बना दिया गया. यह न तो सरकारी भाषा है और न ही संवैधानिक भाषा." डोटासरा ने सवाल उठाया कि सरकार किस आधार पर किसी क्षेत्र को डिस्टर्ब एरिया घोषित करेगी और जनसंख्या तय करेगी. 

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उन्होंने कहा कि संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने आशंका जताई कि आज एरिया को डिस्टर्ब घोषित किया जाएगा, कल जिले को और परसों पूरे लोकतंत्र को ही डिस्टर्ब कर दिया जाएगा. यह लोकतंत्र को कमजोर करने और अधिकारियों को ताकत देने की साजिश है.

'निवेशकों-आम नागरिकों में डर पैदा कर रही सरकार'

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से ही सीआरपीसी, पुलिस एक्ट और दंगा नियंत्रण कानून मौजूद हैं. इसके बावजूद इस तरह का कानून लाकर सरकार निवेशकों और आम नागरिकों में डर पैदा कर रही है.

उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र को डिस्टर्ब घोषित कर दिया गया तो वहां कोई अपने बच्चों को बसाना नहीं चाहेगा और न ही कोई निवेश करेगा. डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा शांति और धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करती है और इस एक्ट का विधानसभा में पुरजोर विरोध किया जाएगा.

'रोजगार-किसान गंभीर मुद्दे, उन पर चर्चा नहीं'

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था, पानी, बिजली, रोजगार और किसानों की समस्याएं गंभीर हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर काम करने के बजाय ऐसे कानून ला रही है. उन्होंने कहा कि गुजरात में डर का माहौल बनाकर सत्ता चलाई जाती है, लेकिन राजस्थान वीरों की धरती है और यहां के लोग स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे.

मदन दिलावर के बयान पर पलटवार

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा डोटासरा के जेल जाने वाले बयान पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, "मैं कीचड़ में पत्थर नहीं फेंकता. पहले वह पेपर लीक करने वालों को पकड़ें. खुद पर दर्ज 14 मामलों को निपटाएं, वरना कांग्रेस की सरकार आने पर वही जेल जाएंगे और मैं उनसे मिलने जाऊंगा."

एसओजी की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि जो कानून कांग्रेस सरकार ने बनाया था, उसी के तहत कार्रवाई हो रही है, यह अच्छी बात है. आरपीएससी को भ्रष्ट बताते हुए डोटासरा ने सवाल किया कि यदि ऐसा है तो सरकार ने अब तक अधिकारियों को क्यों नहीं बदला. 

'बीजेपी सरकार में लीक हुए पेपर'

उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार में भी पेपर लीक हुए हैं और इसकी सूची कांग्रेस के पास मौजूद है. डोटासरा ने कहा कि सरकार के पास सभी एजेंसियां हैं, फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही, कहने और करने में बड़ा अंतर है.