राजस्थान में 16वीं विधानसभा के चौथे सत्र से पहले आज (बुधवार, 21 जनवरी) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया जा रहा है. विधानसभा सत्र से पहले ये अहम बैठक मानी जा रही है जिसमें कई बड़े फैसले लिए जाएंगे. इनमें मुख्य रूप से राज्यपाल के अभिभाषण के साथ विधानसभा की रूपरेखा तय की जाएगी. इस बैठक में कई बड़े नीतिगत फैसलों और विधायी कार्यों को हरी झंडी मिल सकती है.

दरअसल, 28 जनवरी से विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है. उससे पहले यह महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक बुलाई गई है. सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार की आगामी जन कल्याणकारी योजनाओं और कामकाज की जानकारी के साथ नई नीतियों का खाका तैयार किया जाएगा. इस बैठक में अभिभाषण का अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा. सदन में तीन दिन तक अभिभाषण पर पक्ष और विपक्ष के बीच बहस होगी, जिसका जवाब सरकार पांचवें दिन देगी.

इन मुद्दों पर लग सकती है मुहर

कैबिनेट की इस बैठक में कई अहम कानूनी बदलावों और अध्यादेशों पर चर्चा के बाद उन्हें मंजूरी दी जाएगी, जिन्हें बाद में सदन पटल पर रखा जाएगा. राजस्थान जन विश्वास (संशोधन) अध्यादेश-2025, इसका उद्देश्य नियमों के सरलीकरण और सुशासन को बढ़ावा देना है. 

राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश, व्यापारिक सुगमता के लिहाज से यह बड़ा कदम माना जा रहा है. पंचायत एवं नगरपालिका अधिनियम जिसके तहत स्थानीय निकायों के कामकाज और शक्तियों से जुड़े संशोधनों पर भी कैबिनेट की मुहर लग सकती है.

राज्यपाल के अभिभाषण और गणतंत्र दिवस पर होगी चर्चा

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि बजट सत्र से पहले होने वाली यह कैबिनेट बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले विधायी कार्यों, राज्यपाल के अभिभाषण और गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले संदेश से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी. 

संबंधित विभागों और एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे. कैबिनेट बैठक बजट सत्र की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी. इस बैठक में लिए गए निर्णयों का असर न केवल विधानसभा की कार्यवाही पर पड़ेगा, बल्कि राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों की दिशा भी तय होगी.