राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ में अंधविश्वास के कारण हुई मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है. 17 अगस्त को दफनाए गए महबूब खान (50) के शव को आज पुलिस ने 27 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला. यह कार्रवाई मृतक के बेटे इमरान द्वारा कोर्ट में दायर याचिका के बाद हुई है.
सीआई दिलीप सिंह के नेतृत्व में एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया, जिसकी मौजूदगी में शव को निकाला गया. महबूब खान के शव को अब रतनगढ़ के जिला अस्पताल की मोर्चरी में ले जाया गया है, जहां उसका पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है, जिसके बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी.
बुरी आत्मा का साया हटाने के बहाने तांत्रिक क्रिया
आपको बता दें कि यह मामला तब सामने आया, जब मृतक के बेटे इमरान ने 12 लोगों के खिलाफ अपने पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. रिपोर्ट के अनुसार, 17 अगस्त को इमरान के ननिहाल पक्ष के लोग उनके घर आए और बुरी आत्मा का साया हटाने के बहाने तांत्रिक क्रियाएं शुरू कर दीं.
जबरन मिर्च का पानी पिलाने का लगा आरोप
उन्होंने पहले इमरान पर तांत्रिक क्रिया की, फिर उनके पिता महबूब खान को फोन करके बुलाया. आरोप है कि महबूब खान को जबरन मिर्च का पानी पिलाया गया, उनकी आंखों में मिर्च डाली गई और कानों में तेल से भरी रुई डाली गई. विरोध करने पर उन्हें एक पानी से भरे टब में मुंह ढक कर डुबो दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई.
बर्बाद कर देने की दी धमकी
बेटे ने जब विरोध किया तो उसे धमकाया गया. आरोपियों ने परिवार को बुरी आत्मा से बर्बाद कर देने की धमकी दी, जिससे डरकर परिवार ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को दफना दिया था. अब कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है.