राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के फायरब्रांड विधायक बालमुकुंद आचार्य एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों के केंद्र में आ गए हैं. इस बार उन्होंने पवित्र माह 'रमजान' के दौरान मस्जिदों से लाउडस्पीकर के जरिए होने वाले अनाउंसमेंट और अजान पर सवाल उठाए हैं. 

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विधायक का तर्क है कि इससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. कांग्रेस, एआईएमआईएम (AIMIM) सहित विपक्षी दलों और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इसे नफरत फैलाने वाली सोच और ध्रुवीकरण की राजनीति करार देते हुए तीखा पलटवार किया है.

'विधायक खुद ही एक लाउडस्पीकर हैं'

कांग्रेस विधायक घनश्याम महर ने बालमुकुंद आचार्य के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उन पर तीखा तंज कसा है. उन्होंने कहा, "बीजेपी विधायक खुद ही एक लाउडस्पीकर हैं, जो हमेशा नफरती बोल बोलते रहते हैं. इन्हें दूसरों से क्या परेशानी होगी, ये तो खुद सड़क से लेकर विधानसभा सदन तक लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं." महर ने आरोप लगाया कि आचार्य बीजेपी की ही भाषा बोल रहे हैं, इसलिए पार्टी से उनके खिलाफ किसी कार्रवाई की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सदन में कई अन्य विधायक भी हैं, जो हमेशा पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम करते हैं और बयान देते हैं.

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'संविधान के खिलाफ है विधायक की भाषा'

एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश प्रवक्ता मोहम्मद आरिफ ने विधायक की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. आरिफ ने कहा कि बालमुकुंद आचार्य सिर्फ मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए जानबूझकर इस तरह के विवादित बयान देते हैं. उन्होंने कहा, "विधायक समाज को बांटने का काम कर रहे हैं, जबकि देश का संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है. आचार्य संविधान के खिलाफ बोल रहे हैं और उनके ऐसे नफरती बयानों पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगना चाहिए."

'सीएम भजनलाल शर्मा दें चुप रहने की हिदायत'

इस मामले में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. इस्लामिक धर्मगुरु हाफिज मंजूर अहमद ने बयान को महज 'पब्लिसिटी स्टंट' बताते हुए कहा कि बालमुकुंद आचार्य सिर्फ प्रचार पाने के लिए ऐसा बोल रहे हैं और समाज में उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा, "हमें पूरी उम्मीद है कि अपनी साफ-सुथरी और सेक्युलर छवि वाले सीएम भजनलाल शर्मा इनकी बातों पर गौर नहीं करेंगे और इन्हें चुप रहने की सख्त हिदायत देंगे." हाफिज मंजूर ने यह भी कहा कि बीजेपी में कई अच्छे विधायक भी हैं जो कभी इस तरह समाज में जहर घोलने वाली बातें नहीं करते.