राजस्थान के भरतपुर में पुलिस ने बिहार के रहने वाले एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो नाबालिग के साथ रेप करने के बाद उसकी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट चुका है. आरोपी 14 साल तक जेल में रहा है. साल 2021 में आरोपी को जेल प्रशासन से अर्द्ध-खुला बंदी में रखा गया था.

अर्द्ध-खुला बंदी के दौरान वह दिन में मेहनत-मजदूरी करने जाता था. मजदूरी के दौरान वह सेवर कस्बे के रहने वाले एक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसके साथ मजदूरी करने लगा. धीरे-धीरे वह उस आदमी के घर तक पहुंचने लगा और संपर्क में आ गया.

जेल से रिहा होने के बाद आरोपी ने फिर किया रेप

सजा काटने और जेल से रिहा होने के बाद आरोपी किराये का कमरा लेकर रहने लगा और उसी दौरान उसने दूसरा शिकार करते हुए फिर एक नाबालिग से रेप किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे बिहार से गिरफ्तार किया है.

ग्रामीण सीओ आकांक्षा चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी 37 साल मोहम्मद अरशद, निवासी पूर्णिया जिला, बिहार ने 2007 में डीग जिले के पहाड़ी थाना इलाके में एक नाबालिग की रेप के बाद हत्या कर दी थी.

आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. कारावास की सजा काटने के बाद वह 2024 में सेंट्रल जेल सेवर से रिहा हो गया था. रिहा होने के बाद वह सेवर कस्बे में रहने लगा और एक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसके साथ मजदूरी करने लगा.

धीरे-धीरे वह उस आदमी के घर तक पहुंचने लगा और संपर्क में आ गया. आरोपी जिस व्यक्ति के साथ मेहनत-मजदूरी करता था, उसकी मौत पिछले साल हो गई. मगर वह उसकी पत्नी के संपर्क में आया और बहला-फुसलाकर उसकी 15 साल की पुत्री को गोद ले लिया.

गोद ली नाबालिग से डेढ़ साल तक किया रेप

आरोपी ने जिसे गोद लिया, उस नाबालिग के साथ वह करीब डेढ़ साल से लगातार रेप करता रहा. आरोपी पीड़िता को धमकी देता था, जिससे वह किसी को बताए नहीं और वह खुद ही उसे स्कूल छोड़ने और लेने जाता था. पीड़िता ने परेशान होकर अपनी मां को पूरी आपबीती बताई.

उसके बाद, पीड़िता की मां ने 25 जून 2025 को आरोपी के खिलाफ सेवर थाने में मामला दर्ज कराया. पुलिस थाने में मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया. पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी, मगर हाल ही में उसकी लोकेशन पता लगा तो पुलिस टीम बिहार के पूर्णिया पहुंची और उसे नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया.