राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू होने जा रहा है. सत्र से पहले कांग्रेस ने सरकार को सदन में घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया गया है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार जरूरी मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती है.

Continues below advertisement

15 कार्य दिवस का सत्र चाहती है कांग्रेस

विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली के मुताबिक सरकार सत्र को जानबूझकर छोटा करना चाहती है, ताकि जरूरी मुद्दों पर चर्चा ना हो सके. कांग्रेस पार्टी की मांग है कि मानसून सत्र कम से कम 15 कार्य दिवसों का होना चाहिए, ताकि सभी जरूरी मुद्दों पर सदन में चर्चा और फैसला हो सके.

राजस्थान निकाय चुनाव का ऐलान, डूंगरपुर में 40, सागवाड़ा में 35 वार्डों में वोटिंग

Continues below advertisement

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया और अन्य लोगों की एंट्री पर पाबंदी और फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी पर रोक लगाए जाने से जुड़ा विवाद भी बढ़ता जा रहा है. विपक्षी पार्टियों ने इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए स्कूलों में बिना अनुमति जाने की बात कही है.

कांग्रेस का कहना है कि वह इस फैसले को कतई नहीं मानेगी. प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली का कहना है कि वह लोग खुद और उनके विधायक व दूसरे नेता स्कूलों के अंदर जाएंगे. वहां का मुआयना करेंगे और कमियों को सार्वजनिक तौर पर उजागर भी करेंगे.

आदेश वापस कराने की बात

टीकाराम जूली का कहना है कि वह इस आदेश को हर हाल में वापस कराएंगे. वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने भी स्कूलों में जाकर वहां की स्थिति देखने की बात कही है. ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान स्कूलों में मीडिया और अन्य लोगों की एंट्री पर रोक का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठ सकता है.

कांग्रेस का कहना है कि सरकार के इस फैसले से स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने में परेशानी होगी और विपक्ष इसे सदन के साथ-साथ जमीन पर भी उठाएगा.

जयपुर: प्रेमी संग मिलकर जूस में जहर देकर पति की हत्या, 12 दिनों बाद दोनों गिरफ्तार