राजस्थान विधानसभा अपने गठन के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मनाने जा रही है. इस खास मौके पर 15 जुलाई से सालभर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत होगी. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि राजस्थान की लोकतांत्रिक यात्रा, जनसेवा और विधानसभा की गौरवशाली परंपराओं का उत्सव होगा.
देवनानी ने बताया कि अमृत महोत्सव का पहला और सबसे बड़ा आयोजन 15 जुलाई को विधानसभा भवन में होगा. इसमें पहली विधानसभा से लेकर मौजूदा 16वीं विधानसभा तक के पूर्व और वर्तमान विधायक एक साथ शामिल होंगे. इस दौरान लोकतंत्र की यात्रा, संसदीय परंपराओं, विधानसभा की गरिमा, विधायी अनुभवों, चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटल बदलाव जैसे विषयों पर चर्चा होगी.
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन होंगे शामिल
उन्होंने बताया कि उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे, जबकि समापन समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन शामिल होंगे. इसके अलावा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई अन्य विशिष्ट अतिथियों को भी आमंत्रित किया जाएगा.
एक साल में चार बड़े कार्यक्रम किए जाएंगे आयोजित
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अमृत महोत्सव के तहत पूरे एक साल में चार बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें संविधान और संसदीय व्यवस्था के विशेषज्ञों के विशेष सत्र होंगे, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों और विधानसभा की भूमिका को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके.
23 महत्वपूर्ण कानूनों पर होगी विशेष चर्चा
पहले कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा के इतिहास में बने 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर भी विशेष चर्चा होगी. इनमें भूमि सुधार, जमींदारी उन्मूलन, पंचायत राज, प्राथमिक शिक्षा, लोकायुक्त, सूचना का अधिकार और लोक सेवाओं की गारंटी जैसे कानून शामिल हैं. इन कानूनों के सामाजिक और प्रशासनिक प्रभावों पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री अपने अनुभव साझा करेंगे.
इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, पूर्व उपाध्यक्षों और छह या उससे अधिक बार विधायक रहे वरिष्ठ नेताओं का सम्मान भी किया जाएगा. साथ ही पूरे कार्यक्रम का राजस्थान विधानसभा के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण किया जाएगा, ताकि प्रदेश और देशभर के लोग इस ऐतिहासिक आयोजन को देख सकें.
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