Pindwara News: पंचायत समिति में 50 करोड़ की अनियमितताओं का आरोप, BJP सदस्य ने CM से की जांच की मांग
Pindwara News in Hindi: पिंडवाड़ा पंचायत समिति सदस्य पवन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर विभिन्न सिविल कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और कहा कि राजस्व की भारी हानि हुई है.

राजस्थान के सिरोही जिले की पिंडवाड़ा पंचायत समिति एक बार फिर विवादों में है. जहां पंचायत समिति सदस्य पवन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. खास बात यह है कि शिकायत सत्तारूढ़ दल बीजेपी के ही जनप्रतिनिधि ने की है, जिससे मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर गंभीर हो गया है. पवन अग्रवाल ने स्वच्छता, मनरेगा, टाइड-अनटाइड फंड और विभिन्न सिविल कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत समिति स्तर पर भारी राजस्व की हानि हुई है.
यदि अनियमितताएं हुई तो, जिम्मेदार कौन?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि अनियमितताएं हुई हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या पंचायत समिति प्रधान को इसकी जानकारी थी? क्या विकास अधिकारी (बीडीओ) ने वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी नहीं की? वहीं शिकायतकर्ता और जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि एक ही दल से जुड़े बताए जा रहे हैं, ऐसे में यह मामला राजनीतिक जवाबदेही की कसौटी बन गया है.
बीजेपी सरकार खुद को सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का प्रतीक बताती रही है. ऐसे में सत्ताधारी दल के ही प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचानी पड़े, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न खड़ा करता है. आमजन में भी चर्चा है कि यदि जनप्रतिनिधि को ही शिकायत करनी पड़ रही है तो आम नागरिकों की सुनवाई कैसे हो रही होगी? और इस भ्रष्टाचार के आरोपों का जिम्मेदार कौन है फिर?
कलेक्टर कैंप में पंचायतों के समय पर ना पहुंचने से ग्रामीणों में रोष
शिकायत के अनुसार 5 फरवरी 2026 को भावरी क्लस्टर में आयोजित ग्राम उत्थान कलेक्टर कैंप में निर्धारित पंचायतों के अधिकारी सुबह 11 बजे तक मौके पर नहीं पहुंचे. इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया. आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी समय पर सूचना नहीं दी गई.
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पंचायत समिति कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे के बजाय 11-12 बजे पहुंचते हैं और शाम 4-5 बजे लौट जाते हैं. सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक मशीन बंद करने का भी आरोप लगाया गया है.
स्वच्छ भारत मिशन में एक ही ठेकेदार को दिया गया कई पंचायत का कार्य
शिकायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 43 पंचायतों में सफाई टेंडरों में अनियमितता का जिक्र किया गया है. आरोप है कि एक ही ठेकेदार को कई पंचायतों का कार्य दे दिया गया, जबकि उसके पास आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं थे.
साल 2022-23 से 2025-26 तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), टाइड और अनटाइड फंड सहित अन्य योजनाओं में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय हानि का दावा किया गया है. इन सभी कार्यों के स्वतंत्र ऑडिट और भौतिक सत्यापन की मांग की गई है.
सिविल कार्यों की गुणवत्ता पर उठाए गए सवाल
धनारी ग्राम पंचायत में बनास डेम क्षेत्र में 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित दीवार गिरने का उदाहरण देते हुए सिविल कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि 181 पोर्टल पर की गई शिकायत को बिना ठोस जांच के निस्तारित कर दिया गया .
शिकायत में यह भी कहा गया है कि स्थायी प्रशासन समिति द्वारा जारी कुछ ग्राम विकास अधिकारियों के स्थानांतरण आदेशों का एक साल से पालना नहीं किया गया. इसे पंचायतीराज नियमों के विपरीत बताते हुए दोषियों पर सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है.
मुख्यमंत्री का इस शिकायत पर क्या होता है निर्णय
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस शिकायत पर क्या निर्णय होता है. क्या उच्च स्तरीय जांच बैठेगी? क्या जिम्मेदारोंं पर कार्रवाई होगी? पिंडवाड़ा पंचायत समिति का यह मामला केवल स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और राजनीतिक नैतिकता की बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है. फिलहाल इस घटनाक्रम ने जिले की राजनीति और प्रशासन दोनों में हलचल मचा दी है और पिण्डवाड़ा पंचायत समिति जिम्मेदारों की कार्यशैली गंभीर सवालों के दायरे में है.
Source: IOCL


























