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राजस्थान: अब दो से ज्यादा बच्चे वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, BJP सरकार ने रोक हटाई

Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान की भजनलाल शर्मा की सरकार ने कैबिनेट की बैठक में बढ़ा फैसला लिया. दो से ज्यादा बच्चों के पंचायत और नगर निकाल चुनाव लड़ने पर लगी रोक को हटा दिया.

संघ प्रमुख मोहन भागवत और बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री द्वारा हिंदुओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने की नसीहत के बीच राजस्थान सरकार ने आज (25 फरवरी) एक बड़ा फैसला लिया है. राजस्थान में अब दो से ज्यादा बच्चे वाले भी नगर निकाय और पंचायत के चुनाव लड़ सकेंगे. सरकार ने इस बारे में लगी पाबंदी को वापस ले लिया है. हालांकि कांग्रेस पार्टी इस फैसले पर सवाल खड़े कर रही है और आरोप लगा रही है कि भजन लाल शर्मा की सरकार आरएसएस की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है. सियासी घमासान के बीच बैकफुट पर आई सरकार कांग्रेस के आरोपों को नकार रही है. 

करीब 30 साल पहले का फैसला बदला

राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार की कैबिनेट की अहम बैठक आज दोपहर को विधानसभा के सचिवालय में हुई. बैठक में वैसे तो कई फैसले लिए गए, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियों में दो से ज्यादा बच्चे वालों के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ करने वाला फैसला रहा. राजस्थान की पूर्ववर्ती भैरों सिंह शेखावत की सरकार ने करीब 30 साल पहले यह फैसला लिया था कि राज्य में दो से ज्यादा बच्चों वाले लोग ना तो पंचायत व नगर निकाय का चुनाव लड़ सकेंगे और ना ही सरकारी नौकरी में होने पर प्रमोशन पा सकेंगे.

जल्द ही होने हैं नगर निकाय-पंचायत के चुनाव

राज्य में जल्द ही नगर निकाय और पंचायत के चुनाव होने हैं. चुनाव से ठीक पहले सरकार के इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस फैसले को न सिर्फ कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है, बल्कि सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में ही कानून बनने के लिए इसके बिल का प्रारूप भी सदन में पेश किया जाएगा. 

फैसला RSS की विचारधारा से प्रभावित नहीं- राज्यवर्धन राठौड़

कैबिनेट की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, कानून मंत्री जोगाराम पटेल और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस फैसले के बारे में विस्तार से बताया. सरकार की तरफ से दलील दी गई के जनसंख्या नियंत्रण को लेकर लोग अब जागरुक हो चुके हैं. लोग अब खुद ही फैसले कर रहे हैं. इस कानून की अब कोई जरूरत नहीं रह गई है. लोग भी इसमें बदलाव चाहते हैं. लोगों की मांग के आधार पर दो बच्चों वाले नियम को वापस लेने का फैसला किया गया है. इस बारे में कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित होकर यह फैसला कतई नहीं किया गया है. अगर हम संघ के दबाव में होते तो तीन से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाला ही नियम बना देते. वैसे जब इस बारे में सरकार के मंत्रियों से ज्यादा सवाल जवाब किए गए तो उन्हें जवाब देते नहीं बना.

कांग्रेस ने इस फैसले पर उठा सवाल

राजस्थान सरकार के इस फैसले ने जहां कई सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस पर सख्त ऐतराज जताया है. कांग्रेस पार्टी ने साफ आरोप लगाया है कि आरएसएस के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ही सरकार ने पाबंदी हटाई है. कांग्रेस पार्टी के विधायक अमीन कागजी ने कहा है कि बीजेपी को यह साफ करना चाहिए कि उसने अपनी ही पार्टी के भैरव सिंह शेखावत की सरकार के फैसले को क्यों बदला. उनके मुताबिक इससे लोगों का डर खत्म हो जाएगा और लोग ज्यादा बच्चे पैदा करने में कतई परहेज नहीं करेंगे. 

कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने कहा कि विधानसभा में जब यह बिल पेश किया जाएगा तो पार्टी बड़े नेताओं से राय लेकर इस बारे में फैसला लेगी. बहरहाल यह कहा जा सकता है कि राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार का यह फैसला विवादों और सवालों दोनों के ही घेरे में है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी संग्राम देखने को मिल सकता है.

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