उम्मीदों के बोझ में कहीं गुम न हो जाए 'कोचिंग फैक्टरी' की रौनक

साल 2022 में 2.5 लाख विद्यार्थी कोटा में कोचिंग करने आए थे. इसमें 2000 से 2500 करोड़ रुपए के करीब फीस के जरिए कोचिंग संस्थानों को यहां पर मिल रहे थे. 

मुंबई में ही सपने सच नहीं होते. राजस्थान का शहर कोटा भी सच होते कई सपनों का गवाह है. लेकिन अब इस शहर की तस्वीर बदल रही है. वीरान होते हॉस्टलों के कई कमरों में अधूरे सपनों की दास्तां दफ्न है. अब

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