नेशनल हेराल्ड केस: ED के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, अशोक गहलोत बोले- '...धमकी की एक भद्दी कोशिश'
National Herald Case: अशोक गहलोत ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी पर आरोप पत्र को 'राज्य प्रायोजित अपराध' बताया है. उन्होंने 16 अप्रैल को जयपुर में ED ऑफिस के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया है.

Ashok Gehlot on National Herald Case: नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ चार्जशीट के मामले में राजनीति गर्म हो गई है. अब राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता ईडी दफ्तर पर प्रदर्शन करेंगे. दोपहर 12.00 बजे कांग्रेस का प्रदर्शन शुरू होने वाला है.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अगुवाई में यह प्रदर्शन किया जाएगा. पूरे प्रदेश से पार्टी के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल होंगे. इसको लेकर अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जनता से अपील की है.
'यह राज्य प्रायोजित अपराध'- अशोक गहलोत
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आप सभी से मेरा आग्रह है कि हम सब 16 अप्रैल, दोपहर 12 बजे, जयपुर में प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय के सामने और हर जिले में केंद्र सरकार के कार्यालय के सामने हमारी नेता सोनिया गांधी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में किए जा रहे अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर विरोध करें."
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आगे लिखा, "मुझे विश्वास है कि जिनका भी लोकतंत्र में विश्वास है, उनका भी नैतिक समर्थन हमें मिलेगा. नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को मनमाने ढंग से और अन्यायपूर्ण तरीके से जब्त करना और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करना कानूनी प्रक्रिया का मामला नहीं है बल्कि कानून के शासन नाम पर एक राज्य प्रायोजित अपराध है."
कांग्रेस के सीनियर नेता ने अपने पोस्ट में लिखा, "सोनिया गांधी, राहुल गांधी और हमारी पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ हाल ही में आरोप पत्र दाखिल करना भारत सरकार द्वारा शक्ति का एक भयावह दुरुपयोग दर्शाता है. यह लोकतांत्रिक विपक्ष के विचार पर सीधा हमला है और सत्तारूढ़ शासन द्वारा राजनीतिक धमकी का एक भद्दा प्रयास है जो पूरी तरह से असंवैधानिक है."
अशोक गहलोत ने दावा किया कि यह बदले की राजनीति के अलावा और कुछ नहीं है. कांग्रेस नेतृत्व और कार्यकर्ता इस अन्याय पर कभी चुप नहीं रहेंगे. हमने पहले भी भारत की आत्मा के लिए लड़ाई लड़ी है और हम इसे फिर से करेंगे. सत्य, न्याय और संवैधानिक लोकतंत्र के मूल्य हमारे लिए अपरिहार्य हैं. सत्यमेव जयते सिर्फ एक नारा नहीं है- यह एक दृढ़ विश्वास है.
Source: IOCL





















