करीब 18 घंटे तक चले हाई वोल्टेज राजनीतिक और प्रशासनिक ड्रामे के बाद आखिरकार राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल का आंदोलन स्थगित हो गया. जिला प्रशासन से कई दौर की बातचीत के बाद सुबह करीब 7 बजे आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया गया.

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नागौर जिला कलेक्टर और एसपी के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद एक लिखित समझौता हुआ. इसी समझौते के आधार पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया. प्रशासन ने किसानों की मांगों को लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ.

जयपुर कूच से पहले बॉर्डर पर रोके गए

इससे पहले बुधवार रात को सांसद हनुमान बेनीवाल करीब एक हजार वाहनों के काफिले के साथ राजधानी जयपुर के लिए रवाना हुए थे. हालांकि पुलिस ने उन्हें नागौर जिले के बॉर्डर पर ही रोक लिया. बड़ी संख्या में समर्थकों और किसानों की मौजूदगी के चलते नागौर से जयपुर तक प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा.

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रेल ट्रैक जाम की कोशिश, बढ़ा तनाव

आंदोलन के दौरान पहले रेलवे ट्रैक जाम करने की घोषणा की गई थी. जब बेनीवाल और किसान रेल ट्रैक की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद जयपुर कूच का ऐलान किया गया, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई.

किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन

दरअसल नागौर जिले के किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे. इन्हीं किसानों के समर्थन में सांसद हनुमान बेनीवाल बुधवार को आंदोलन में शामिल हुए थे. उन्होंने साफ कहा था कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

मंगलवार दोपहर से लेकर बुधवार (14 जनवरी) सुबह तक चले इस पूरे हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आंदोलन स्थगित होने से प्रशासन और राज्य सरकार ने राहत की सांस ली है. फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, हालांकि प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.