डूंगरपुर पुलिस लाइन में रविवार (12 जुलाई) की रात दिल दहला देने वाला मामला सामने आया. कानून व्यवस्था की रखवाली करने वाले पुलिस वाले ही एक-दूसरे पर चाकू चलाने लगे. सांसद राजकुमार रोत के गनमैन कांस्टेबल कपिल गंभीर रूप से घायल हो गए. उनका साथी कांस्टेबल कांतिलाल शराब के नशे में धुत था और बिना सोचे-समझे चाकू घोंप दिया.

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कपिल और कांतिलाल एक ही बिल्डिंग में ऊपर-नीचे रहते थे. लंबे समय से कांतिलाल शराब पीकर कपिल के परिवार को गालियां देता रहता था. रविवार रात भी उसने कपिल की पत्नी और साली के साथ बदतमीजी की. सूचना मिलते ही कपिल अपने निर्माणाधीन घर से रात के करीब 12 बजे क्वार्टर पहुंचे.

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जैसे ही वो पहुंचे, कांतिलाल कमरे से बाहर निकला और सीधा चाकू से वार कर दिया. चाकू कपिल के सीने में घुस गया. खून से लथपथ कपिल वहीं गिर पड़े. आसपास के जवान हड़कंप में आ गए और उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

परिवार सहित पूरे महकमे में मचा सन्नाटा

ये घटना सिर्फ दो पुलिसवालों के बीच की नहीं है, बल्कि पूरे पुलिस परिवार को झकझोर गई है. एक तरफ जहां कपिल परिवार की चिंता सता रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस विभाग की छवि पर फिर सवाल उठ रहे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि पुलिस लाइन में शराब पीना, गाली-गलौज करना और हथियार लेकर हमला करना कितना आम हो गया है? 

विभाग की खामोशी बढ़ा रही है शक

सांसद राजकुमार रोत घटना के बारे में सोशल मीडिया X पर जानकारी दी. घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया गया. लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के बड़े अधिकारी मीडिया से कुछ नहीं बोल रहे थे. इस खामोशी ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या विभाग इस मामले को दबाना चाहता है? या फिर असली वजह कुछ और है? 

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