'भूलकर सनातन के सबसे बड़े...', शंकराचार्य विवाद पर बोले मुस्लिम धर्मगुरु सैयद असगर अली
Shankaracharya Avimukteshwaranand News: जयपुर के नायब शहर काजी सैयद असगर अली ने कहा कि दुनिया में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अलग पहचान है. वो सनातन के सबसे बड़े धर्मगुरु हैं.

प्रयागराज के माघ मेले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की नाराजगी और उनके धरने के विवाद में मुस्लिम समुदाय की भी एंट्री हो गई है. राजस्थान की राजधानी जयपुर के नायब शहर काजी सैयद असगर अली भी खुलकर शंकराचार्य के समर्थन में आ गए हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सही और गलत के विवाद को भूलकर सनातन के सबसे बड़े धर्मगुरु का सम्मान करना चाहिए. समूची दुनिया में भारत को लेकर गलत संदेश जा रहा है.
नायब शहर काजी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से इस बारे में अपील भी की है. उन्होंने कहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार को इस बारे में पहल करनी चाहिए. शंकराचार्य से खेद जताते हुए उन्हें सम्मान देने और स्नान के लिए तैयार करने को कहा है. उनके मुताबिक शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सनातन के सबसे बड़े धर्मगुरु हैं.
दुनिया में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अलग पहचान-असगर अली
सैयद असगर अली ने आगे कहा, ''समूची दुनिया में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अलग पहचान है. ऐसे में मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए समूची दुनिया में भारत को लेकर गलत संदेश जा रहा है. यह संदेश जा रहा है कि भारत में धर्म गुरुओं का सम्मान नहीं किया जाता और उन्हें अपने सम्मान के लिए आंदोलन करना पड़ता है, धरने पर बैठना पड़ता है. इस विवाद से इंटरनेशनल लेवल पर देश की छवि खराब हो रही है.''
मामले को राजनीतिक रंग देना गलत-सैयद असगर अली
असगर अली ने ये भी कहा, ''योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के साथ ही एक संत भी हैं. ऐसे में पहल उनकी तरफ से ही होनी चाहिए. कोई भी धर्मगुरु तभी इस तरह से आंदोलन करने को मजबूर होता है, जब उसका दिल दुखता है. जयपुर के नायब शहर काजी के मुताबिक इस मामले को राजनीतिक रंग देना भी गलत है. यह कहकर कतई नहीं बचा जा सकता है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सियासी वजहों से आंदोलन कर रहे हैं.''
शंकराचार्य पूरी तरह सही थे- सैयद असगर अली
उन्होंने ये भी कहा, ''संत और धर्म गुरु का सियासत में दखल देना कोई गलत बात नहीं है. खुद योगी आदित्यनाथ भी गो रक्षा पीठाधीश्वर के पद पर बने रहते हुए पिछले 9 सालों से यूपी के मुख्यमंत्री हैं. इससे पहले वह कई बार सांसद भी रहे हैं. मीडिया और सोशल मीडिया में माघ मेले को लेकर जो तस्वीरे और वीडियो सामने आए हैं. उनके आधार पर साफ तौर पर कहा जा सकता है कि वहां पर शंकराचार्य पूरी तरह सही थे. पुलिस और प्रशासन ने ठीक तरह से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई.''
शंकराचार्य से माफी मांगनी चाहिए- सैयद असगर अली
नायब शहर काजी ने सवाल उठाते हुए आगे कहा, ''अगर भीड़ ज्यादा थी तो शंकराचार्य को पहले ही इसके लिए राजी कर लिया जाना चाहिए था.
शंकराचार्य के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए था. इस विवाद का जल्द से जल्द निपटारा होना बेहद जरूरी है. सही गलत को छोड़कर सरकार को इस मामले में आगे आना चाहिए और शंकराचार्य से माफी मांगनी चाहिए.
सैयद असगर अली ने इस बारे में न्यूज चैनल के माध्यम से भी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील की है. उनका कहना है कि इस मामले में उन्हें इस वजह से बोलने की जरूरत पड़ी है क्योंकि यह एक धर्म गुरु से जुड़ा मामला है. धर्मगुरु किसी भी रिलीजन का हो, लेकिन वह पूरे समाज के लिए सम्मानित होता है.
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Source: IOCL


























