Rajasthan Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव के एलान के बाद राजनीतिक पार्टियां पूरी तरह से तैयारी में जुट चुकी हैं. बीजेपी और कांग्रेस ने कई सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं, लेकिन मेवाड़ की एक सीट जातिगत समीकरण के कारण अटक गई है. इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों की तरफ से प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए है. इसी सीट से पिछली बार उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी सांसद थीं. चर्चा है कि यहां का जातिगत समीकरण भी राजपूत और ओबीसी के बीच में फंसा हुआ रहता हैं.
दरअसल जिस लोकसभा सीट की हम बात कर रहे हैं, वह मेवाड़ की राजसमंद सीट है. यहां की राजनीति राजपूत और ओबीसी के बीच में फंसी रहती है. अब तक हुए चुनाव में पार्टियों ने ओबीसी और राजपूत नेता पर ही दांव खेला है. चर्चा है कि इस बार भी इसी बात को लेकर मंथन चल रहा रहा है. यहां सबसे ज्यादा आबादी ओबीसी की है और इसके बाद राजपूत समाज की है.
आज आ सकती है बीजेपी की लिस्ट
इसके बाद अन्य समाज आते हैं. चर्चा है कि कांग्रेस ओबीसी चेहरे पर मंथन कर रही है, तो वहीं बीजेपी एक बार फिर राजपूत समाज से किसी को मौका दे सकती है. आज बीजेपी की सूची आने की भी संभावना जताई जा रही है. राजसमंद सीट के पिछले रिकॉर्ड की बात करें तो साल 2009 में परिसीमन के बाद मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़कर इस सीट को बनाया गया था. इसमें आठ विधानसभा है और वर्तमान स्थिति की बात करें, तो यहां सभी आठ विधायक बीजेपी के हैं.
क्या कहते हैं आंकड़ें?
पिछले कुछ लोकसभा चुनावों के रिकॉर्ड की बात करें, तो बीजेपी और कांग्रेस ने यहां ओबीसी चेहरे उतारे, लेकिन वह हार गए. साल 2009 में बीजेपी ने रामा सिंह रावत को उतारा, लेकिन वो कांग्रेस के गोपाल सिंह शेखावत से हार गए. 2014 में बीजेपी ने हरी ओम सिंह राठौड़ को टिकट दिया और कांग्रेस ने रिपीट करते हुए गोपाल सिंह शेखावत को मौका दिया. इस बार यहां बीजेपी के हरिओम सिंह जीत गए थे. पिछले चुनाव में बीजेपी की दीया कुमारी जीतीं और कांग्रेस के ओबीसी चेहरे देवकी नंदन गुर्जर हार गए थे.