कोटा के जेके लोन अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत से हड़कंप, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
Kota News In Hindi: परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने के बावजूद मरीज को लंबे समय तक आईसीयू में ही रखा गया और सही स्थिति छिपाई जाती रही.

कोटा के जेके लोन अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, प्रसूता पिंकी महावर की हालत पिछले दो दिनों से लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन समय रहते उचित उपचार और रेफरल नहीं मिलने के आरोप लग रहे हैं. देर रात हालत ज्यादा नाजुक होने पर उसे एसएसबी अस्पताल भेजा गया. जहां वेंटिलेटर पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक महिला को लगातार यूरिन बंद होने,ब्लड प्रेशर गिरने और किडनी संबंधी गंभीर दिक्कतें हो रही थीं. परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने के बावजूद मरीज को लंबे समय तक आईसीयू में ही रखा गया और सही स्थिति छिपाई जाती रही. बताया जा रहा है कि महिला के दो ऑपरेशन भी हुए थे. लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ.
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व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
पिंकी महावर की मौत के बाद एक बार फिर कोटा के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं. दूसरे ऑपरेशन में महिला की बच्चे दानी निकाली गई थी. वहीं लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद अब अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और मरीजों की मॉनिटरिंग को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है.
कार्रवाई की मांग
इधर परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है. मामले को लेकर जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. जेके लोन अस्पताल प्रशासन फिलहाल मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बचता नजर आ रहा है.
एक महिला की पहले हो चुकी है मौत
इससे पहले 22 वर्षीय एक महिला की सरकारी जे के लोन अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद कथित तौर पर उत्पन्न जटिलताओं के कारण मौत हो गई थी. मृतका की पहचान बूंदी जिले के सुनवासा गांव निवासी रोहित महावर की पत्नी प्रिया महावर (22) के रूप में हुई थी.
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