राजस्थान में कोटा के बाल सुधार गृह में एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो में कुछ किशोर अपचारी चिकन-मटन की दावत उड़ाते और शराब की बोतलों के साथ नजर आ रहे हैं. इस घटना ने सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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वायरल वीडियो में बाल कैदियों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए भी देखा जा सकता है. जांच में दो अपचारियों के कुख्यात लॉरेंस गैंग से संबंध होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस अब मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और कॉल डिटेल्स की गहन जांच कर रही है.

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पांच महीने पहले भी 9 अपचारी फरार

करीब पांच महीने पहले इसी बाल सुधार गृह से 9 अपचारी फरार हो गए थे. उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन अब नए खुलासों ने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा कर दिया है.

अधीक्षक ने स्वीकार की कमियां

बाल सुधार गृह के अधीक्षक निशांत सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि पहले गार्डों की कमी, छोटी चारदीवारी और जैमर न होने के कारण कुछ अपचारी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर लेते थे. उन्होंने बताया कि अब अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है.

पुलिस की जांच तेज, रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को

डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि मामले की पूरी रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई है. हर महीने नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं. पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है कि सुधार गृह के अंदर प्रतिबंधित सामग्री कैसे पहुंच रही थी और बाहरी गैंग से संपर्क कैसे बनाए रखा जा रहा था. 

यह घटना बाल सुधार गृहों की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सुधार गृहों में बच्चों के पुनर्वास की वास्तविक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

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