राजस्थान के कोटा जिले से एक और इंजीनियरिंग छात्र की मौत की खबर आई है. जवाहर नगर इलाके में शुक्रवार (21 नवंबर) की दोपहर एक हाईराइज़ इमारत से एक 17 वर्षीय छात्र गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई. अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उसने आत्महत्या की है या फिर यह कोई हादसा था. फिलहाल, इंजीनियरिंग स्टूडेंट की मौत से शहर में सनसनी फैल गई है. 

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छात्र मध्य प्रदेश के भोपाल का रहने वाला था. कोटा के रॉयल इम्पीरिया अपार्टमेंट की 9वीं मंज़िल से गिरने के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया. छात्र पिछले दो साल से कोटा में रहकर इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम (JEE) की तैयारी कर रहा था. वह यहां अपनी मां के साथ रहता था.

घटना के समय बच्चे की मां फ्लैट में ही मौजूद थीं. बेटे की मौत के बाद से वह सदमे में हैं और कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं.

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परिजनों के आने का इंतजार

पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि छात्र ऊंचाई से गिरा लेकिन यह कैसे हुआ, इस पर कई सवाल बने हुए हैं. पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है. फॉरेंसिंक टीम भी सबूत जुटा रही है. डिप्टी एसपी योगेश शर्मा ने बताया कि फिलहाल बच्चे के अन्य परिजनों के भोपाल से आने का इंतजार किया जा रहा है. उसके बाद कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी. 

शव एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. जवाहर नगर थाना पुलिस ने अपार्टमेंट के सीसीटीवी, फ्लैट की स्थिति, पड़ोसियों के बयान और टेक्निकल एविडेंस की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हादसा था या सुसाइड?

राजस्थान का कोटा शहर मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्रों की फैक्ट्री कहा जाता है. यहां हजारों की संख्या में हर साल बच्चे आते हैं और अपना करियर बनाने की तैयारी करते हैं. पढ़ाई का यह प्रेशर इतना ज्यादा होता है कि कई बार बच्चे इसे झेल नहीं पाते. यही वजह है कि कोटा में स्टूडेंट सुसाइड के कई केस सामने आए हैं. सरकार और प्रशासन ने इसको लेकर कई कदम उठाए हैं, लेकिन अब तक ऐसे मामले कम करने में सफलता नहीं मिली है.