राजस्थान के करौली जिले में साल 2022 में हुए सांप्रदायिक दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुउद्दीन खान के संपत्ति पर मंगलवार को बुलडोजर चला दिया. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों सहित 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

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दरअसल, 2 अप्रैल 2022 को करौली में हिन्दू संगठनों द्वारा हिन्दू नववर्ष पर बाइक रैली निकाली गई थी. जब रैली करौली शहर के हटवाड़ा में पहुंची तो कुछ लोगों ने रैली पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. रैली पर पत्थर फेंकने से साथ सांप्रदायिक दंगे शुरू हो गए और सांप्रदायिक दंगे में दोनों पक्षों के लगभग 30 लोग घायल हो गए थे. दंगाइयों ने सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ लगभग 80 लोगों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया था. पुलिस ने इससे पहले भी 54 लोगों को गिरफ्तार किया था.

मुख्य साजिशकर्ता है अमीनुउद्दीन खान 

पुलिस की जांच में करौली के वार्ड नंबर 34 के निवासी 50 वर्षीय अमीनुउद्दीन खान को दंगे का मुख्य साजिशकर्ता माना गया. सांप्रदायिक दंगों के दौरान अमीनुउद्दीन की मां रशीदा खातून करौली नगर परिषद की अध्यक्ष थीं.  

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मुख्य साजिशकर्ता की अवैध संपत्ति ध्वस्त

आज मंगलवार (20 जनवरी) को करौली जिला प्रशासन द्वारा सांप्रदायिक दंगों के मुख्य साजिशकर्ता अमीनउद्दीन खान के अवैध कब्जे वाली तीन मंजिला इमारत पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार अमीनुउद्दीन ने नगर परिषद से फर्जी पंजीकरण वाली जमीन पर तीन मंजिला इमारत बनाई थी, लेकिन अधिकारियों ने उसका फर्जी पंजीकरण रद्द कर दिया और आज ईमारत को ध्वस्त कर दिया है.

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए, अवैध कब्जे को ध्वस्त करते समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों सहित 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. कार्रवाई के दौरान पास का स्कूल बंद रहा और प्रशासन द्वारा बाजार की सभी दुकानें खाली करा दी गयी.

पुलिस ने क्या कहा? 

करौली के पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि सांप्रदायिक दंगों के मुख्य साजिशकर्ता अमीनउद्दीन खान को पुलिस ने 27 दिसंबर, 2025 को हिंडौन नगर कोतवाली द्वारा धारा 112(2), 314(4), 319(2) और 66 आईटी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया, जहां अदालत ने उन्हें हिंडौन नगर जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. पुलिस ने अमीनुउद्दीन को 2 जनवरी को वर्ष 2022 में हुए सांप्रदायिक दंगों के आरोप में हिंडौन शहर जेल से जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था.