राजस्थान के करौली जिले के करणपुर डांग क्षेत्र में स्थित घुसई घाट पर एक पशुपालक पर मगरमच्छ के हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है. नदी से पानी भरने के दौरान मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसका हाथ पकड़कर उसे नदी के अंदर खींचने लगा. इस दौरान उसके साथी ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाते हुए मगरमच्छ से भिड़ंत की और लाठी से उसकी आंख पर वार कर घायल की जान बचा ली.

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पानी पीने गए पशुपालक को मगरमच्छ ने अपने जबड़े में जकड़ा

जानकारी के अनुसार, घुसई गांव निवासी पूरण मीणा रोज की तरह बकरियां चराने के लिए इलाके में गया था. इसी दौरान वह नदी से पीने के लिए पानी भर रहा था, तभी पानी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया. मगरमच्छ ने पूरण का हाथ अपने जबड़े में जकड़ लिया और उसे नदी के अंदर खींचने लगा. पूरण की चीख-पुकार सुनकर उसके साथ मौजूद प्यारेलाल तुरंत मौके पर पहुंचा और बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी.

जब मगरमच्छ पूरण को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ तो प्यारेलाल ने लाठी से मगरमच्छ की आंख पर जोरदार वार किया. इसके बाद मगरमच्छ ने पूरण को छोड़ दिया, जिससे उसकी जान बच गई. घटना के तुरंत बाद घायल पूरण को करणपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.

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घुसई घाट और आसपास के नदी क्षेत्र में मगरमच्छ पहले भी कर चुका हमला

घायल पूरण ने बताया कि मगरमच्छ के हमले के दौरान उसे लगा था कि अब वह जिंदा नहीं बच पाएगा, लेकिन उसके साथी की बहादुरी और सूझबूझ से उसकी जान बच गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि घुसई घाट और आसपास के नदी क्षेत्र में मगरमच्छ पहले भी कई बार लोगों और पशुओं पर हमला कर चुके हैं. ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और मगरमच्छों के खतरे से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.

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