जोधपुर: ड्रेस को लेकर किया गया ट्रोल, तनाव में आईं इंफ्लुएंसर अनीता बिश्नोई; की सुसाइड की कोशिश
Jodhpur Influencer Suicide Attempt: अनीता विश्नोई को पिछले कई दिनों से एक ड्रेस को लेकर ट्रोल किया गया था, जिसके चलते वह काफी दबाब में आ गयीं. कुछ यूजर्स ने काफी आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कर दीं थीं.

राजस्थान में जोधपुर से सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे छिपे दबाव और मानसिक तनाव का एक और गंभीर मामला सामने आया है. जोधपुर की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनीता बिश्नोई द्वारा कथित रूप से जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल उनका उपचार मथुरादास माथुर अस्पताल में चल रहा है.
अनीता विश्नोई को पिछले कई दिनों से एक ड्रेस को लेकर ट्रोल किया गया था, जिसके चलते वह काफी दबाब में आ गयीं. कुछ यूजर्स ने काफी आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कर दीं थीं. अनीता की हालत को लेकर उनके परिवार का बुरा हाल है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार, अनीता बिश्नोई हाल ही में अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में आई थीं. 'कपड़े हो गए छोटे तो शर्म कहां से आए' शीर्षक से की गई उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हो गई. पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उन्हें समर्थन के साथ-साथ तीखी आलोचनाओं और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा. कई यूजर्स ने उनकी पोस्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जबकि कुछ लोगों ने उन्हें लगातार रोस्ट करना शुरू कर दिया.
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर मिल रही नकारात्मक प्रतिक्रियाओं से अनीता मानसिक रूप से काफी परेशान थीं. इसी बीच उन्होंने एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें संकेत दिया कि वह बेहद तनाव में हैं. पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अब आपकी बहन आपके साथ नहीं रहेगी. इसके कुछ समय बाद उनके जहरीला पदार्थ पीने की सूचना सामने आई.
अस्पताल में जारी है इलाज
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. उनकी स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाओं का दौर जारी है और बड़ी संख्या में लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.
यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया ट्रोलिंग और साइबर बुलिंग के गंभीर प्रभावों को उजागर करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन आलोचना और अपमानजनक टिप्पणियां कई बार लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति के साथ संवेदनशीलता और जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है.


























