जोधपुर के प्रतिष्ठित एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज का क्रिकेट मैदान शनिवार को पढ़ाई और खेल का नहीं, बल्कि खून-खराबे और अफरातफरी का गवाह बन गया. खेलने के समय को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते-देखते इतना बढ़ गया कि पूरा परिसर रणभूमि में तब्दील हो गया. दो छात्र गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक दर्जन से ज्यादा छात्र घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद काफी समय से अंदर-ही-अंदर सुलग रहा था. एक पक्ष शाम 5 बजे के बाद मैदान पर अपना अधिकार जता रहा था, तो दूसरा पक्ष भी उसी समय खेलने पर अड़ा हुआ था. शनिवार शाम जब एक गुट मैदान में खेल रहा था, तभी दूसरे गुट ने पहुंचकर मैदान खाली करने को कहा. बहस ने पल भर में उग्र रूप ले लिया और गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद हाथापाई में बदल गया.
हॉकी-लाठियां निकलीं, छात्रों की बेरहमी से पिटाई
कुछ ही मिनटों में दोनों तरफ से लकड़ी और हॉकी स्टिक निकल आईं. छात्रों ने एक-दूसरे पर जमकर वार किए. इस दौरान कई छात्र जमीन पर गिर पड़े, लेकिन मारपीट नहीं रुकी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों की बर्बर पिटाई साफ देखी जा सकती है.
‘प्री-प्लान’ हमले का आरोप, कटघरे में प्रशासन
घटना के बाद दोनो पक्ष ने इसे ‘प्री-प्लान’ हमला बताया है. हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी. सबसे बड़ा सवाल कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर उठ रहा है. आरोप है कि पहले से तनाव की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. घटना के बाद मीडिया द्वारा संपर्क करने पर भी प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है.
वीडियो ने बढ़ाया गुस्सा
वायरल वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है. उनका कहना है कि जिस संस्थान से देश को इंजीनियर मिलते हैं, वहां इस तरह की सामूहिक हिंसा सुरक्षा और अनुशासन पर बड़ा सवाल खड़ा करती है.
पुलिस जांच शुरू
रातानाडा पुलिस थाना अधिकारी दिनेश ने बताया कि दोनों ही पक्षों की ओर से रिपोर्ट दी गई है दोनों के मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. घायलों का इलाज चल रहा है. अब सबकी नजरें कॉलेज प्रशासन पर टिकी हैं कि वह छात्रों के बीच बढ़ते तनाव और समाज के नाम पर बनती खाइयों को कैसे पाटता है. यह घटना न सिर्फ एमबीएम कॉलेज, बल्कि देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए चेतावनी है कि छोटे विवादों को समय रहते नहीं रोका गया, तो उनके नतीजे कितने भयावह हो सकते हैं.