Jodhpur Cylinder Blast: राजस्थान में जोधपुर के शेरगढ़ इलाके के भूंगरा गांव में एक शादी समारोह में सिलेंडर फटने से हृदय विदारक घटना हो गई. इस घटना में शादी समारोह में शामिल होने आए महिला बच्चे और पुरुष झुलस गए. 52 लोगों को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल के बर्न यूनिट में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. अब तक इस सिलेंडर फटने की घटना में दो बच्चों सहित तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है. वहीं कई लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
भूमरा गांव में जिस जगह सिलेंडर ब्लास्ट हुआ था, वहां एक कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बगैर जलते हुए सिलेंडरों को बाहर फेंका, जिससे उनका हाथ जल गया. सिलेंडर अगर डूंगर सिंह बाहर नहीं फेंकते तो इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था.
सीएम गहलोत ने की कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह के प्रमोशन की घोषणासीएम गहलोत शुक्रवार को महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और उनसे बात की. पीड़ितों के इलाज के लिए डॉक्टर्स सहित प्रशासन को निर्देश भी दिए. इस दौरान सीएम गहलोत ने कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह को बहादुरी का इनाम देते हुए उनके प्रमोशन की घोषणा की है. सीएम गहलोत ने कहा कि भूंगरा गांव के लोगों ने जिस तरह से अपनेपन का संदेश दिया है, बहादुरी का संदेश दिया है, मैं उन सभी का आभार करता हूं.
साथ ही, कांस्टेबल डूंगर सिंह ने जो बहादुरी का काम किया है उन्हें इनाम मिलना जरूरी है. समाज में एक ऐसा संदेश जाना चाहिए कि बहादुरी का काम करने पर उन्हें इनाम मिलता है.
एक के बाद एक फटे पांच सिलेंडरजानकारी के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह मौके पर पहुंच गए. घटनास्थल पर एक के बाद एक करके 5 गैस सिलेंडर फटे थए, जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया था. 60 लोग आग में झुलस गए थे, लेकिन डूंगर सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना ही गैस सिलेंडर को बाहर फेंका. नहीं तो इससे भी भयानक हादसा हो सकता था. क्योंकि शादी समारोह में खाना बनाने के लिए करीब 20 सिलेंडर लाए गए थे.
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