Jodhpur Airport: राजस्थान के दूसरे बड़े शहर जोधपुर में एयरपोर्ट के विस्तार का काम पूरा होने जा रहा है. नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के साथ ही जोधपुर से एयर कनेक्टिविटी काफी अच्छी होने की संभावना बनी है. इसी के साथ ही जोधपुर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर कई संस्थाओं ने कई नाम दिए हैं. उनके नाम से नामकरण करने की मांग की जा रही है. अखिल भारतीय चारण (गढवी) महासभा के अध्यक्ष की ओर से मांग की गई है कि जोधपुर एयरपोर्ट का नाम श्री करणी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जोधपुर कर दिया जाएं. इस मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भी दिया गया, साथ ही जोधपुर में प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि जोधपुर एयरपोर्ट का नाम मां करणी माता के नाम से किया जाए. 'करणी माताजी जोधपुर की जननी हैं'अखिल भारतीय चारण (गढवी) महासभा के अध्यक्ष सी डी देवल ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी आपकी अनुकरणीय सक्रियता और विहंगम ज्ञान को देखते हुए हम पूर्णतः आश्वस्त है कि आप जोधपुर समेत पूरे मारवाड़ क्षेत्र के लिए मातेश्वरी श्री करणी जी द्वारा किए गए उपकारों से भली भांति परिचित होंगे. हमारे जोधपुर की तो संस्थापक भी करणी माताजी ही है, 12 मई 1459 (निर्जला एकादशी, शनिवार) को करणी माताजी द्वारा ही जोधपुर के गौरव मेहरानगढ़ किले की नींव रखी गई. अतः करणी माताजी जोधपुर की जननी हैं. 'भव्य भवन का कंगूरा बना दीजिए'आगे उन्होंने कहा कि करणी माताजी जोधपुर के लिए नींव की ईंट हैं. प्रधानमंत्री आप मां भारती और मां करणी के सच्चे सपूत हैं. सारे अच्छे कार्यों की अपेक्षा योग्य और आज्ञाकारी पुत्र से ही होती है. आज हम आपके समक्ष यही प्रार्थना लेकर आए है कि जोधपुर के लिए अब तक नींव की ईंट रही करणी जी को आप इस भव्य भवन का कंगूरा बना दीजिए. सी डी देवल ने कहा कि आप प्रखर सनातनी, हिंदुआ सूरज और देवी शक्ति के उपासक हैं, अतः हम तो यही मानते हैं कि यह नेक कार्य आप सरीखा प्रधानमंत्री ही कर सकता है जिसे मातेश्वरी श्री करणी जी ने अलौकिक शक्तियों से विभूषित किया हैं. मां करणी जी न केवल जोधपुरकी संस्थापक हैं, अपितु बीकानेर भी उन्हीं के आशीर्वाद से ही बस पाया है, बीकाजी पर उनकी कृपा सर्वविदित हैं, आज तक कोई रियासत अपनी मूल रियासत से अलग होकर इतनी प्रगति नहीं कर पाई है जितनी बीकानेर ने की हैं. 'छत्तीस कौम माताजी को अपना आराध्य मानती हैं'जोधपुर बीकानेर और समूचे मारवाड़ में ना केवल चारण राजपूत बल्कि छत्तीस कौम माताजी को अपना आराध्य मानती हैं और उनके चरणों में उनको असीम आध्यात्मिक आनंद की प्राप्ति होती हैं. मारवाड़ की इस पावन धरा पर श्री करणी माताजी का वही स्थान है जो गुजरात के सौराष्ट्र में आई श्री सोनल मां का हैं.