राजस्थान के जालोर जिले के सायला उपखंड क्षेत्र में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया. आसाणा गांव के पास सुकड़ी नदी में तेज बहाव की चपेट में आने से छह युवकों की मौत हो गई. घटना ने पूरे जिले को दहला दिया. पुलिस, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने करीब 40 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी शवों को बाहर निकाला.

जानकारी के अनुसार छह युवक बोलेरो गाड़ी से नदी किनारे पहुंचे थे. वे नदी किनारे पानी का बहाव देखने के लिए उतरे, लेकिन अचानक तेज धारा की चपेट में आकर बह गए. ग्रामीणों ने मौके पर गाड़ी, मोबाइल और जूते देखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दी.

क्या है पूरा मामला?

घटना की जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी सूरजभान बिश्नोई, तहसीलदार लक्ष्मी चौधरी, विकास अधिकारी गौरव बिश्नोई और डीवाईएसपी गौतम जैन सहित प्रशासन मौके पर पहुंचा. इसके बाद एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. बारिश और अंधेरा होने से बचाव कार्य में बाधा आई, लेकिन लगातार दो दिन तक चले अभियान के बाद शवों को बाहर निकाला गया.

पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव

मृतकों की पहचान जितेंद्र सिंह पुत्र छैलसिंह राजपूत, जगताराम पुत्र जेपाराम भील, ओमाराम पुत्र छेलाराम मेघवाल, श्रवण पुत्र ताराराम मेघवाल, मनोहर सिंह पुत्र छैलसिंह और श्रवण पुत्र मोडाराम देवासी के रूप में हुई. सभी शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया.

प्रशासनिक अमला और नेताओं ने लिया जायजा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह इन्दौलीया और जालोर विधायक एवं विधानसभा मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

गांव में शोक की लहर

इस दर्दनाक हादसे के बाद आसाणा गांव और आसपास के इलाकों में मातम छाया हुआ है. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.