Jaipur Govind Ji Maharaj Temple: राजस्थान में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है. आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. भीषण गर्मी की वजह से मंदिरों में विराजमान भगवान को भी सूरज के प्रकोप से बचाने के लिए खास जतन किए जा रहे हैं.

इसी के तहत राजधानी जयपुर के आराध्य देव गोविंद जी महाराज के मंदिर में शुक्रवार को ज्येष्ठ महीने की एकादशी पर खास कार्यक्रम आयोजित किया गया. जल वर्षा उत्सव के नाम से आयोजित इस अनूठे आयोजन में मंदिर के गर्भ गृह में फव्वारे लगाकर राधा रानी संग विराजमान भगवान कृष्ण पर जल वर्षा की गई. 

मान्यताओं के मुताबिक, यह आर्टिफिशियल बारिश भगवान को गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए कराई जाती है. इसके तहत दोपहर के वक्त पंद्रह मिनट तक जयपुर के इस सबसे बड़े मंदिर के गर्भ गृह में फव्वारे के जरिए कृत्रिम बारिश की गई. आर्टिफिशियल बारिश के जरिए भगवान को गर्मी से बचाने का अनूठा जतन किया गया. इस मौके पर भगवान से भीषण गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए खास प्रार्थना की गई. 

जल यात्रा उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. जयपुर शहर में ज्येष्ठ महीने में कुछ दिन दोपहर के वक्त इसी तरह से गर्भ गृह में भगवान की मूर्ति पर बारिश की जाती है. मान्यता है कि इस जल यात्रा उत्सव के बाद मौसम का मिजाज कुछ नरम पड़ता है और लोगों को आसमान से बरस रही आग से थोड़ी निजात मिल जाती है. जयपुर में इस तरह का कार्यक्रम कई अन्य मंदिरों में भी आयोजित किया जाता है. 

आज तकरीबन 45 डिग्री तापमान में भी हजारों की संख्या में लोग इस उत्सव में शामिल हुए. श्रद्धालु गर्मी की परवाह किए बिना भक्ति भाव में मगन नजर आ रहे थे. मंदिर परिसर में जल यात्रा उत्सव के दौरान इतनी भीड़ थी कि कहीं तिल रखने की जगह नहीं बची थी. ज्येष्ठ महीने की एकादशी को अपरा एकादशी भी कहा जाता है, गर्मी के लिहाज से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है.

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