राजस्थान के दूदू जिले में ट्रांसजेंडर वकील की वजह से रोडवेज की बस में जमकर हंगामा हुआ. विवाद इतना बढ़ गया कि रोडवेज की बस को बीच रास्ते थाने पर रोकना पड़ा. यह पूरा विवाद ट्रांसजेंडर कैटेगरी में टिकट नहीं दिए जाने को लेकर हुआ. दरअसल रीना नाम की किन्नर राजस्थान हाईकोर्ट में वकालत करती हैं. ट्रांसजेंडर के तौर पर वह राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच की पहली वकील है. बुधवार को वह रोडवेज की बस पर सवार होकर जयपुर से जोधपुर जा रही थी.

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टिकट विवाद और नागरिक अधिकार की मांग

उन्होंने कंडक्टर को टिकट के पैसे दिए तो उसने महिला कैटेगरी में उनका टिकट बना दिया. इस पर उन्होंने आपत्ति जताई तो कंडक्टर ने कहा कि उनकी टिकटिंग मशीन में सिर्फ महिला और पुरुष का ही ऑप्शन है. ट्रांसजेंडर का कोई ऑप्शन ही नहीं है. इस पर रीना ने नाराजगी जताई और किसी जिम्मेदार अधिकारी से बात कराने को कहा. रीना ने बार-बार यही दोहराया कि वह भारत की नागरिक हैं और उन्हें सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के आधार पर अपनी अलग पहचान बताने का आधार है.

पुलिस ने समझा-बुझाकर विवाद खत्म किया

बहरहाल इस मामले में विवाद इतना बढ़ गया कि रोडवेज की बस को अजमेर से पहले दूदू जिले में पुलिस थाने पर रोकना पड़ा. पुलिस ने इस मामले में समझा बुझाकर विवाद को खत्म कराया. कुछ देर में यह विवाद भले ही खत्म हो गया हो लेकिन यह ट्रांसजेंडर्स को मिले अधिकारों पर एक सवाल है. अगर उन्हें अन्य कैटेगरी के तौर पर मान्यता दी गई है तो कम से कम सरकारी विभागों में उसका विकल्प जरूर होना चाहिए.

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