जयपुर में छात्रा की सुसाइड में बड़ा एक्शन लेते हुए सीबीएसई ने नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है. सीबीएसई ने नियमों के उल्लंघन और खामियों के चलते स्कूल की मान्यता रद्द की है.सीबीएसई ने कहा कि छात्र सुरक्षा नियमों के घोर उल्लंघन के लिए स्कूल पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा.

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हालांकि 10वीं और 12वीं क्लास बोर्ड परीक्षा देने वाले स्टूडेंट उसी स्कूल से एग्जाम दे सकेंगे, ताकि उनकी परीक्षा प्रभावित न हो, लेकिन स्कूल के किसी भी क्लास में नया एडमिशन लेने पर रोक लगा दी गई है.

इस मामले में सीबीएसई ने दो सदस्यीय कमेट का गठन किया था. इस कमेटी ने अब अपनी रिपोर्ट सौंपी है. कमेटी ने स्कूल का नीरीक्षण करने के बाद परिसर में सुरक्षा के लिहाज से कई खामियों को उजागर किया.

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बोर्ड ने कहा कि स्कूल सबसे कड़ी सजा का हकदार है और छात्रों को ऐसे असुरक्षित माहौल में पढ़ाई जारी रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती. चौथी क्लास में पढ़ने वाली बच्ची ने कथित तौर पर 1 नवंबर को स्कूल की चौथी मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. CBSE द्वारा छात्रा की मौत की जांच के लिए बनाई गई एक जांच पैनल ने स्कूल की तरफ से कई कमियों की ओर इशारा किया था, जिसमें बच्ची को लगातार परेशान किए जाने का जिक्र था और बताया कि उसके माता-पिता ने जुलाई 2024 में पहली बार शिक्षकों के सामने यह मुद्दा उठाया था.

आखिरी 45 मिनट में 5 बार टीचर से किया था संपर्क

पैनल ने पाया कि क्लास टीचर बच्ची की परेशानी पर कोई कार्रवाई करने में नाकाम रही, जबकि बच्ची ने अपनी ज़िंदगी के आखिरी 45 मिनट में पांच बार टीचर से संपर्क किया था. जांच रिपोर्ट, उपलब्ध रिकॉर्ड और स्कूल के जवाब को देखते हुए, यह साफ है कि स्कूल ने एफिलिएशन बाय-लॉज के अनिवार्य प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन किया है.

'ऐसी लापरवाही कुबूल नहीं'

एक वरिष्ठ CBSE अधिकारी ने कहा कि सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद, यह साफ है कि स्कूल में ऐसे मुद्दों को सुलझाने के लिए काउंसलिंग सिस्टम और शिकायत निवारण प्रणाली पूरी तरह से फेल हो गई है. ऐसे लापरवाह काम और उल्लंघन किसी भी एफिलिएटेड स्कूल के लिए अस्वीकार्य हैं.

1 नवंबर को छात्रा ने की थी खुदकुशी

बता दें कि  एक नवंबर को जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल में छठी क्लास की नौ साल की छात्रा अमायरा ने स्कूल की पांचवी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी. इस बाद राजधानी जयपुर में जमकर बवाल मचा था. वहीं अब करीब दो महीने बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीएसई ने स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है.