राजस्थान की राजधानी जयपुर में बारिश के बाद जलभराव और बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था ने एक बार फिर सरकारी इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के निवारू रोड पर रविवार (9 अगस्त) शाम बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं. परेशान लोगों ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए अनूठे अंदाज में विरोध जताया.
जलभराव वाली सड़क पर लोगों ने नांव चलाकार जताया विरोध
जलभराव वाली सड़क पर प्रतीकात्मक तौर से नाव चलाकर लोगों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए. लोग खुद पानी में घुस गए और नाव के कटआउट अपने हाथों में लेकर अनूठे अंदाज में विरोध जताया. दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था मानो पानी में सड़कों नाव चलाई जा रही हो. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश ज्यादा नहीं होने के बावजूद सड़क पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया. कई जगह सड़क और गड्ढों का फर्क तक नजर नहीं आया. इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना रहा.
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25 साल से ड्रेनेज की समस्या, महीने भर पहले बनी सड़क भी नहीं बची
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि झोटवाड़ा क्षेत्र में पिछले करीब 25 साल से ड्रेनेज और सीवरेज की समस्या बनी हुई है. बारिश होते ही गंदा पानी सड़कों और घरों तक पहुंच जाता है. लोगों का कहना है कि करीब एक महीने पहले बनी नई सड़क भी जलभराव से नहीं बच पाई.
लोगों ने बताया कि 181 पर शिकायतें करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ. सवाल यही है कि अगर नई सड़क के साथ पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो सकती और शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो आखिर जिम्मेदार व्यवस्था कब जागेगी? हर हाल विरोध का यह अनूठा तरीका सोशल मीडिया पर चर्चा का सबब बना हुआ है. तमाम लोगों ने इसके वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं.
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