जयपुर पुलिस कमिश्नर का एक्शन प्लान, 1930 शिकायतों और महिला-बाल अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
Jaipur News In Hindi: जयपुर पुलिस कमिश्नर ने बैठक में महिला-बाल, SC-ST व साइबर अपराधों पर त्वरित एक्शन के निर्देश दिए. गैंगस्टर्स पर नकेल और बीट पुलिसिंग से कानून व्यवस्था सुदृढ़ होगी.

जयपुर शहर में बेहतर कानून व्यवस्था, शांति और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास कायम करने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस आयुक्तालय में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा करने और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए.
पुलिस कमिश्नर ने महिला अत्याचार, बाल अपराध और SC-ST एक्ट से जुड़े मामलों को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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साइबर क्राइम और 1930 हेल्पलाइन पर फोकस
बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए कमिश्नर मित्तल ने ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि साइबर हेल्पलाइन '1930' पर आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए ताकि पीड़ितों को तुरंत राहत मिल सके. साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया.
कमजोर थानों को सुधारने की चेतावनी
बैठक के दौरान उन थानों की कार्यप्रणाली की भी कड़ी समीक्षा की गई, जिनका अपराध नियंत्रण में प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. पुलिस कमिश्नर ने ऐसे थानों के प्रभारियों को कार्यप्रणाली सुधारने और आवश्यक रणनीति बनाने के निर्देश दिए.
गैंगस्टर और हार्डकोर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
शहर में संगठित अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों को कुचलने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. कमिश्नर ने वांछित (Wanted) और हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ तेज कर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा है. इसके अलावा संपत्ति संबंधी अपराधों (चोरी, नकबजनी) पर भी प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
नए कानूनों की पालना और बीट पुलिसिंग पर जोर
पुलिस कमिश्नर ने हाल ही में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों की प्रभावी पालना और थानों में इसके प्रशिक्षण पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देशों के अनुसार थाना स्तर पर 'महिला बीट' और 'युवा CLG' (कम्युनिटी लाइजनिंग ग्रुप) का गठन कर पुलिसिंग में जनसहभागिता बढ़ाई जाए.
इसके अलावा, लंबित मामलों और विभागीय जांचों के जल्द निस्तारण, 'राजकॉप' (RajCop) ऐप की मॉनिटरिंग और 'संपर्क पोर्टल' से मिलने वाली शिकायतों को तुरंत हल करने के निर्देश दिए गए हैं.
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