Jaipur News: पुलिस मुख्यालय की बैठक में जातिगत टिप्पणी से मचा बवाल, SP के खिलाफ SC/ST एक्ट में केस दर्ज
Jaipur News In Hindi: जयपुर पुलिस मुख्यालय की एक बैठक के दौरान SP स्तर की एक महिला अधिकारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी के विरुद्ध जातिगत टिप्पणी की और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया.

जयपुर पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान हुए 'जातिवादी विवाद' के बाद पुलिस की साख पर सवाल उठने लगे है. पुलिस के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में जातिगत टिप्पणी और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया. यह आरोप SP स्तर की एक महिला अधिकारी पर लगे हैं, जिन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी के विरुद्ध जातिगत टिप्पणी की जिसके बाद बैठक का माहौल बिगड़ गया और आनन-फानन में महिला अधिकारी को मीटिंग से बाहर निकालना पड़ा. यह घटना कोई आम घटना नहीं है बल्कि जिस वर्दी के भरोसे कानून जिंदा है, वहीं जब संवैधानिक अधिकारों की धज्जियां उड़ा रहा हो तो फिर आम आदमी के अधिकार कहां सुरक्षित है?
अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति और SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज
यह पूरा मामला पुलिस दूरसंचार विभाग से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार, जयपुर के ज्योति नगर थाने में पुलिस दूरसंचार निदेशक दौलतराम अटल की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक (SP - टेलीकम्युनिकेशन) नीतू बुगालिया के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. यह विवाद 5 मार्च की शाम को पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण तकनीकी बैठक के दौरान शुरू हुआ था.
बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG - साइबर क्राइम और तकनीकी सेवाएं) वी.के. सिंह कर रहे थे. जिसमें बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य की पुलिस संचार प्रणालियों के अपग्रेडेशन और तकनीकी सुधारों पर चर्चा करना था. प्रत्यक्षदर्शियों और शिकायत के अनुसार, जब निदेशक दौलतराम अटल अपना प्रेजेंटेशन दे रहे थे, तभी SP नीतू बुगालिया ने उन्हें कथित तौर पर बीच में टोकना शुरू कर दिया.
नीतू बुगालिया पर बैठक में आरक्षण को लेकर टिप्पणी का आरोप
निदेशक दौलतराम अटल द्वारा दर्ज कराई गई FIR में आरोप लगाया गया है कि नीतू बुगालिया ने भरी बैठक में उन पर तंज कसते हुए कहा कि वे 'आरक्षण (reservation) के कारण ही इस निदेशक के पद तक पहुंचे हैं.' अटल का कहना है कि बुगालिया लगातार उनके प्रेजेंटेशन में बाधा डाल रही थीं और अमर्यादित व्यवहार कर रही थीं. जब उन्होंने बुगालिया को अपनी बात रोकने और FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी, तब भी वे शांत नहीं हुईं. विवाद इतना बढ़ गया कि बैठक की अध्यक्षता कर रहे ADG वी.के. सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने अनुशासन बनाए रखने के लिए नीतू बुगालिया को बैठक से बाहर जाने का निर्देश दिया.
शुक्रवार (6 मार्च) को ज्योति नगर थाने में यह मामला दर्ज करवाया गया, जिसके बाद अब पुलिस आरोपों की जांच कर रही है. वहीं बैठक में मौजूद अधिकारियों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे. इस घटना के बाद 'पुलिस मुहकमे' की साख पर सवाल उठने लगे हैं.
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