राजस्थान के जयपुर में हो रही घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोल दिया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पुलिस की कार्रवाई और सरकार के रवैये को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा अब प्रदेश में एफआईआर कानून के मुताबिक नहीं बल्कि जनभावनाओं को देखकर दर्ज की जाएगी.

उन्होंने कहा कि 25 मार्च को गर्भवती महिला के साथ हुई अश्लील हरकत पर महिला की एफआईआर दर्ज नहीं की गई. मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद पुलिस का आपत्तिजनक ट्वीट सामने आया है. जूली ने कहा राजस्थान पुलिस का यह ट्वीट घोर आपत्तिजनक और बीजेपी सरकार की मानसिकता दिखाने वाला है. 

टीकाराम जूली ने लगाया आरोप

टीकाराम जूली ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 25 मार्च को हुई छेड़छाड़ की घटना की शिकायत पीड़िता ने 26 मार्च को थाने में दी. परन्तु इतने स्पष्ट छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की. पुलिस ट्वीट कर कह रही है कि 12 अप्रैल को आमजन की भावनाओं को देखते हुए एफआईआर की. 

यदि यह मामला मीडिया और सोशल मीडिया में नहीं आता तो पुलिस हजारों मामलों की तरह इसे भी दबा देती. राजस्थान की बीजेपी सरकार और पुलिस का उद्देश्य महिला सुरक्षा नहीं बल्कि एफआईआर दर्ज न कर आकंड़े कम करने का रह गया है.

पुलिस महानिदेशक से मांगा जवाब

टीकाराम जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने कांग्रेस सरकार के समय बनाई गई एफआईआर के अनिवार्य पंजीकरण की नीति को क्यों बंद कर दिया है एवं क्या राज्य में अब एफआईआर कानून के मुताबिक न होकर आमजन की भावनाओं से की जाएगी?

जयपुर के मालवीय नगर इलाके में गर्भवती महिला के साथ एक युवक ने अश्लील हरकत की, जिसके बाद ये घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई. वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद पुलिस की ओर से 12 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया. हालांकि यह घटना 25 मार्च की बताई जा रही है रही है.

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