जयपुर के हवामहल जोन स्थित ईदगाह पांचनी इलाके में शुक्रवार को जर्जर मकान के ध्वस्तीकरण के दौरान बड़ा हादसा टल गया. चार मंजिला मकान को गिराने के दौरान अचानक मलबा पास लगे बिजली पोल पर जा गिरा, जिससे चिंगारियां निकलने लगीं. घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

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एहतियात के तौर पर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कराई और सुरक्षा को देखते हुए पड़ोसी मकानों को खाली कराया गया. जिस गली में मकान स्थित है, उसे लगातार दूसरे दिन भी बंद रखा गया है.

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नगर निगम ने घोषित किया था खतरनाक मकान

जानकारी के मुताबिक, हवामहल जोन के ईदगाह पांचनी इलाके में स्थित यह चार मंजिला मकान काफी समय से जर्जर हालत में था. गुरुवार को नगर निगम ने निरीक्षण के बाद इसे खतरनाक घोषित किया था. निगम अधिकारियों ने मकान पर नोटिस चस्पा कर दिया था. अधिकारियों का कहना था कि मकान की मरम्मत संभव नहीं है और सुरक्षा के लिहाज से इसे गिराना जरूरी है.

12 लाख रुपये खर्च का आया था अनुमान

नगर निगम की ओर से मकान को गिराने में करीब 12 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था. खर्च को देखते हुए मकान मालिक ने खुद ही ध्वस्तीकरण कराने का फैसला लिया. मकान मालिक की सहमति के बाद शुक्रवार से तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई. रात में बारिश की संभावना को देखते हुए काम तेजी से कराया जा रहा था, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके.

बिजली पोल पर मलबा गिरने से मचा हड़कंप

ध्वस्तीकरण के दौरान मकान का भारी मलबा अचानक बिजली पोल पर जा गिरा. इसके बाद पोल से चिंगारियां निकलने लगीं. आसपास मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया. हालांकि समय रहते सावधानी बरतते हुए इलाके को सुरक्षित कर लिया गया. बिजली व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया गया ताकि किसी बड़े खतरे को रोका जा सके.

सुरक्षा के बीच जारी है ध्वस्तीकरण का काम

फिलहाल कॉलोनी के लोग अपनी निगरानी में मकान गिराने का काम करा रहे हैं. प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर मकान लंबे समय से चिंता का कारण बना हुआ था. बारिश के मौसम में इसके गिरने का खतरा और बढ़ गया था, इसलिए समय रहते कार्रवाई करना जरूरी था.

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