पहले भोपाल का ट्विशा शर्मा मौत मामला और अब राजस्थान के जयपुर में अनु मीणा सुसाइड केस, एक के बाद एक दो ऐसे मामलों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. जैसे ट्विशा शर्मा का आरोपी पति समर्थ सिंह फरार था वैसे ही अब अनु मीणा का आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पति गौतम मीणा भी फरारा चल रहा है. इस बीच गौतम ने एक वीडियो जारी कर खुद के बेगुनाह होने का दावा किया है. 

आरोपी पति गौतम मीणा का कहना है कि उसकी पत्नी अनु उससे फोन पर बात करते हुए फंदे पर लटकी थी. वह बहुत जिद्दी थी. दोनों में आपसी रिश्ते बहुत अच्छे थे. उस पर लगाए गए ऐरोप पूरी तरह गलत हैं. गौतम मीणा ने यह आरोप भी लगाया है कि उसके ससुराल वालों ने अनु की मौत के बाद पूरी प्रॉपर्टी बच्चों के नाम करने का दबाव बनाया था. वह उसके लिए तैयार था. हालांकि, अनु के घरवालों ने बच्चों को गौतम से एक बार भी मिलने नहीं दिया. इसके बाद से वह समझौता करने को तैयार नहीं हुआ. 

'अनु के परिवार ने 40 दिन बाद दर्ज कराया केस'

गौतम का कहना है कि यही वजह है कि करीब 40 दिन बाद परिवार वालों ने उसपर झूठी एफआईआर दर्ज करवा दी. गौतम खुद को बचाने के लिए यह भी कह रहा है कि अगर उसने कुछ भी गलत किया होता तो अनु के परिवार वाले पहले ही केस दर्ज करा देते.

पहले भी अनु को मारने की कोशिश कर चुका है पति

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी 13 मार्च को अनु का पति गौतम उसे और बच्चों को मारने की कोशिश कर चुका था. अनु के भाई नीरज मीणा का दावा है कि 13 मार्च की रात को गौतम ने अनु और दोनों बच्चों को कमरे में बंद कर एलपीजी गैस ऑन करके बाहर से गेट लगा दिया था. रातभर बच्चे और बहन उस घर में कैद रहे. दीपक ने अपने रिश्तेदार को फोन कर मदद करने के लिए कहा. इसके बाद रिश्तेदारों ने अनु के घर जाकर उसका दरवाजा खोला और फिर अनु दोनों बच्चों को लेकर अपने पिता के घर त्रिवेणी नगर चली गई.