जयपुर एयरपोर्ट पर फर्जी वीजा पर इराक जा रहे 3 गिरफ्तार, मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
Jaipur Airport News: जयपुर एयरपोर्ट पर फर्जी वीजा से इराक जा रहे यूपी-बिहार के तीन युवक गिरफ्तार. पुलिस ने केस दर्ज कर मानव तस्करी रैकेट और राष्ट्रीय सुरक्षा के एंगल से जांच शुरू कर दी है.

राजधानी जयपुर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश जाने की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया गया है. पुलिस ने फर्जी टूरिस्ट वीजा (Fake Tourist Visa) पर इराक जाने की फिराक में लगे तीन युवकों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपी उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं. इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं.
जानकारी के अनुसार, 12 मई को एयरपोर्ट प्रशासन को इन यात्रियों के दस्तावेजों और वीजा पर शक हुआ. इसके बाद तुरंत स्थानीय एयरपोर्ट थाने की पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो वीजा के फर्जी होने की पुष्टि हुई, जिससे एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुरेश कुमार (उत्तर प्रदेश), आलोक कुमार और रुपेश यादव (बिहार) के रूप में हुई है.
राजस्थान: DGP की अपराध समीक्षा बैठक, साइबर क्राइम और गैंगस्टर्स पर फोकस बढ़ाने के दिए निर्देश
BNS के तहत मामला दर्ज, पूछताछ जारी
जयपुर ईस्ट की डीसीपी (DCP) रंजीता शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब इन तीनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्हें यह फर्जी वीजा किसने और कैसे मुहैया करवाया था. इसके साथ ही उनके इराक जाने के असली कारणों की भी पड़ताल की जा रही है.
गिरोह का अंदेशा और राष्ट्रीय सुरक्षा का एंगल
इस मामले में जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यूपी और बिहार के रहने वाले इन युवकों ने इराक जाने के लिए दिल्ली या किसी अन्य बड़े एयरपोर्ट के बजाय राजस्थान (जयपुर) का रास्ता क्यों चुना?
पुलिस को गहरी आशंका है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे किसी बड़े मानव तस्करी या फर्जी वीजा बनाने वाले संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है. क्या ये युवक ठगी का शिकार होकर किसी गिरोह के जाल में फंसे थे, या मंशा कुछ और थी, इसकी जांच चल रही है. चूंकि मामला सीधे तौर पर इराक जैसे संवेदनशील देश और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो सकता है, इसलिए पुलिस की स्पेशल टीमें हर एंगल से इस केस की बारीकी से जांच कर रही हैं.
Rajasthan: दाल से पेट्रोल तक सब महंगा, बढ़ती कीमतों ने लोअर मिडिल क्लास परिवारों की तोड़ी कमर!


























